Рӯзи азалам буд ба нобӯд наҳуфтанд
روز ازلم بود به نابود نهفتند
Дар зимни зиёни кории ман суд наҳуфтанд
در ضمن زیان کاری من سود نهفتند
Он рӯз ки май зоди марои модари гетӣ
آن روز که می زاد مرا مادر گیتی
Дар ҳафт фалаки ахтар масъӯд наҳуфтанд
در هفت فلک اختر مسعود نهفتند
Дар мстбаҳи ҷӯи илм , ки нури хиради мо
در مصطبه جو علم، که نور خرد ما
Аз шамъи шаби мадриса дар дӯд наҳуфтанд
از شمع شب مدرسه در دود نهفتند
Аҳволи ҳақиқати ҳама дар сар муҷозаст
احوال حقیقت همه در سر مجازست
Дар саҷдаи бути тоъат маъбуд наҳуфтанд
در سجده بت طاعت معبود نهفتند
Май нӯш ки он рӯз ки шуд тавбаи иҷобат
می نوش که آن روز که شد توبه اجابت
Завқи асар аз нағма Довӯд наҳуфтанд
ذوق اثر از نغمه داوود نهفتند
Набӯд аҷаб ар кӯр шавад дидаи ҳосид
نبود عجب ار کور شود دیده حاسد
Заҳраш ба нигоҳ ҳасадолӯд наҳуфтанд
زهرش به نگاه حسدآلود نهفتند
Он оташи ҷони сӯз ки шуд боғи броҳим
آن آتش جان سوز که شد باغ براهیم
Тобу туф аз он дар дил намруд наҳуфтанд
تاب و تف از آن در دل نمرود نهفتند
Маълум нашуд шӯъбадаи чарх « назирӣ »
معلوم نشد شعبده چرخ «نظیری »
Дайр омадаам дар назарам зуд наҳуфтанд
دیر آمده ام در نظرم زود نهفتند