зи накҳати саҳарии шавқи ёр май хезад
ز نکهت سحری شوق یار میخیزد
Ҷунуни зи сояи абри баҳор май хезад
جنون ز سایه ابر بهار میخیزد
Ба рӯй ёри нигаҳ , ршҳаҳ без ме уфтад
به روی یار نگه، رشحه بیز میافتد
зи зулфи ёри шикани қатраи бор май хезад
ز زلف یار شکن قطره بار میخیزد
Саҳоби длшдаҳ дар кӯҳсор ме гардад
سحاب دلشده در کوهسار میگردد
Ғизоли шефта аз марғзор май хезад
غزال شیفته از مرغزار میخیزد
Ба дастгирии ушшоқи нотавони аҳвол
به دستگیری عشاق ناتوان احوال
зи зер ҳар шаҷарии саднигор май хезад
ز زیر هر شجری صد نگار میخیزد
Танӣ ки рафт зи по бар изор май ғлтд
تنی که رفت ز پا بر عذار میغلتد
Сиррӣ ки рафт зи дӯш аз канор май хезад
سری که رفت ز دوش از کنار میخیزد
На аз висоли малулон малул ме гирад
نه از وصال ملولان ملول میگیرد
На аз фироқи ҳарифони хумор май хезад
نه از فراق حریفان خمار میخیزد
Самоъи риндӣу гулгашт лиззатӣ дорад
سماع رندی و گلگشت لذتی دارد
Ки Подшаҳи зи сари эътибор май хезад
که پادشه ز سر اعتبار میخیزد
Ҳамин ки тоир фурсат расед сайдаш кун
همین که طایر فرصت رسید صیدش کن
Ки сидоФкнш аз ҳар канор май хезад
که صیدافکنش از هر کنار میخیزد
Ҳамин ки қисмат худ ёфтӣ ғанимати дон
همین که قسمت خود یافتی غنیمت دان
Ки аз камӣни гуҳи шерони шикор май хезад
که از کمین گه شیران شکار میخیزد
Дарин ҳаво дар хилват ҳаким накушояд
درین هوا در خلوت حکیم نگشاید
Ки ҳуш мераваду ихтиёр май хезад
که هوش میرود و اختیار میخیزد
Ҷаҳон хушаст « назирӣ » қалам ба ҷилваи дрор
جهان خوش است «نظیری » قلم به جلوه درآر
Ки глшкри зи сари нӯки хор май хезад
که گلشکر ز سر نوک خار میخیزد