Биё ки бе ту ғам аз хотирам ба дар наравад
بیا که بی تو غم از خاطرم به در نرود
Видоъам аз дилу ҳиҷронам аз назар наравад
وداعم از دل و هجرانم از نظر نرود
Дар он бисот ки ман хон ъушрат ороем
در آن بساط که من خوان عشرت آرایم
Магаси зи талхии ман ҷониб шукр наравад
مگس ز تلخی من جانب شکر نرود
зи шаҳри хеши марои шӯҳрати ту даври андохт
ز شهر خویش مرا شهرت تو دور انداخت
Ба ихтиёр касе ҷониб сафар наравад
به اختیار کسی جانب سفر نرود
Чаҳ мешавад , чу карямони раҳ ғариб зананд
چه می شود، چو کریمان ره غریب زنند
Раҳ диёр бабанданд то хабар наравад
ره دیار ببندند تا خبر نرود
Ба табъи шӯх ту нозем ва он пзироииш
به طبع شوخ تو نازیم و آن پذیراییش
Кигар сухан равад аз хотират асар наравад
که گر سخن رود از خاطرت اثر نرود
Дилам ба ёди ту дарё намӯд чашм ва ҳануз
دلم به یاد تو دریا نمود چشم و هنوز
Май хаёли ту дар зарф мухтасар наравад
می خیال تو در ظرف مختصر نرود
Тан назору дил бурдбор хоҳад ишқ
تن نزار و دل بردبار خواهد عشق
Ки аз насим ба ҷӯш ояд ва басар наравад
که از نسیم به جوش آید و بسر نرود
Чу хӯни мурдаи сияҳ рӯй бод дар таҳи пӯст
چو خون مرده سیه روی باد در ته پوست
Дилӣ ки бар сари пайкон ва нештар наравад
دلی که بر سر پیکان و نیشتر نرود
Бар остонаи раҳе май намо « назирӣ » ро
بر آستانه رهی می نما «نظیری » را
Ки қадари маҷлиси хосон ба ӣнқадар наравад
که قدر مجلس خاصان به اینقدر نرود