Чу урён шуд чамани мурғ аз зарурат хона ме созад

چو عریان شد چمن مرغ از ضرورت خانه می‌سازد

Чу қтҳи гул буд булбул ба об ва дона ме созад

چو قحط گل بود بلبل به آب و دانه می‌سازد

Чу бар бом ва дар мардум нишинад ҷғди носозст

چو بر بام و در مردم نشیند جغد ناسازست

Мубораки пай буд он дам ки бо вайрона ме созад

مبارک پی بود آن دم که با ویرانه می‌سازد

зи душмани хайл дар хайл аз муҳаббати гӯшаи чашмӣ

ز دشمن خیل در خیل از محبت گوشهٔ چشمی

Фусуни ҷовдонро мӯъҷизам афсона ме созад

فسون جاودان را معجزه افسانه می‌سازد

Муҳаббати ҷузви ҷузвамро зи ҳам бетоб тар дорад

محبت جزو جزوم را ز هم بی‌تاب‌تر دارد

Таҷаллии зарраи зарраи кӯҳро парвона ме созад

تجلی ذره ذره کوه را پروانه می‌سازد

Паёми навбаҳорӣ , то нагӯяд абри наврӯзӣ

پیام نوبهاری، تا نگوید ابر نوروزی

Калиди боғро кӣ шохи гул дандона ме созад

کلید باغ را کی شاخ گل دندانه می‌سازد

Ба чашм кам набояд дид қадари зердастон ро

به چشم کم نباید دید قدر زیردستان را

Фалаки сдҷои сабу гул мекунад паймона ме созад

فلک صدجا سبو گل می‌کند پیمانه می‌سازد

Ба ҷузи зулфи парешон дар хаёлам нагзарад чизе

به جز زلف پریشان در خیالم نگذرد چیزی

Париро гӯша вайронаам девона ме созад

پری را گوشهٔ ویرانه‌ام دیوانه می‌سازد

Мабодои баргу боРом кам агар афшондаам талхӣ

مبادا برگ و بارم کم اگر افشانده‌ام تلخی

Ки шикархандаи онро нақли сад кошона ме созад

که شکّرخنده آن را نقل صد کاشانه می‌سازد

« назирӣ » лозими ишқ ва ҷунун ҷангаст ва носозӣ

«نظیری» لازم عشق و جنون جنگ‌ست و ناسازی

Ту маъзӯрӣ ба мардуми мардум фарзона ме созад

تو معذوری به مردم، مردم فرزانه می‌سازد