Соқӣ биор ҷом май хушгувори пеш
ساقی بیار جام می خوشگوار پیش
То баъди азин чаҳ оварадам рӯзгори пеш
تا بعد ازین چه آوردم روزگار پیش
Роҳами қазо ба турфа фазойӣ фиканда аст
راهم قضا به طرفه فضایی فکنده است
Хавфи савор дар пайу гирди шикори пеш
خوف سوار در پی و گرد شکار پیش
Ман дар миёни лаҷаи хунин фитода ам
من در میان لجه خونین فتاده ام
Гӯи дайгарӣ қадам наниҳад аз канори пеш
گو دیگری قدم ننهد از کنار پیش
Баъд аз ҳазор саъй ки бар дар раҳам диҳанд
بعد از هزار سعی که بر در رهم دهند
Оранди як баҳона ба сад интизори пеш
آرند یک بهانه به صد انتظار پیش
Гирам ки боғбони қафасами бишиканад чаҳ суд
گیرم که باغبان قفسم بشکند چه سود
Гул дар ҳиҷоби гулбун ва сад неши хори пеш
گل در حجاب گلبن و صد نیش خار پیش
Соқии дил аз таъассуфи даврам малул шуд
ساقی دل از تأسف دورم ملول شد
Пеши ори масте ки наёрад хумори пеш
پیش آر مستیی که نیارد خمار پیش
Аз гуфтугӯии мавъизаи гӯйон дилам гирифт
از گفتگوی موعظه گویان دلم گرفت
Ҳаргиз наомадаст марои ҳӯшёри пеш
هرگز نیامدست مرا هوشیار پیش
Равад Муғону дарди суроҳеи сурӯди шеър
رود مغان و درد صراحی سرود شعر
Ҳаргизи ҷузи ин набӯдаи марои фикру кори пеш
هرگز جز این نبوده مرا فکر و کار پیش
Дигар чаҳ аҷри тоъати азин хуб тар диҳанд
دیگر چه اجر طاعت ازین خوب تر دهند
Ҷоми шароб дар каф ва рӯйнигор пеш
جام شراب در کف و روی نگار پیش
Мо аз қазо ба қисмат имрӯз розӣем
ما از قضا به قسمت امروز راضییم
Гар ҳаст соъатӣ ба азин гӯ биор пеш
گر هست ساعتی به ازین گو بیار پیش
Гар чун набайт муъҷиза дар остин ниҳанд
گر چون نبیت معجزه در آستین نهند
Даст аз паии савол « назирӣ » мадори пеш
دست از پی سؤال «نظیری » مدار پیش