Ҳркҷои сохт ғамии доира мсмор шудам
هرکجا ساخت غمی دایره مسمار شدم
Ҳар куҷо нуқта шуданда хат паргор шудам
هر کجا نقطه شد انده خط پرگار شدم
Буии ёри ман азин суст вафо ме ояд
بوی یار من ازین سست وفا می آید
Гулам аз даст бигирӣд ки аз кор шудам
گلم از دست بگیرید که از کار شدم
Бас казу шуд барам осӯда , ду дастам дар хоб
بس کزو شد برم آسوده، دو دستم در خواب
Ҳамчунон зери сараш буд ки бедор шудам
همچنان زیر سرش بود که بیدار شدم
Дили девонаи ман қобили занҷир буд
دل دیوانه من قابل زنجیر بود
Ба шиканҷи сари зулф аз чаҳ сазовор шудам
به شکنج سر زلف از چه سزاوار شدم
Ман дигар қӯт парвоз надорам дар дом
من دگر قوت پرواز ندارم در دام
Коши сайёди бидонад ки гирифтор шудам
کاش صیاد بداند که گرفتار شدم
Қимати захми балои дарди талабкорӣ буд
قیمت زخم بلا درد طلبکاری بود
Нарх коло нишнидам чаҳ харидор шудам
نرخ کالا نشنیدم چه خریدار شدم
Кас дар оташ ба дили хеш « назирӣ » наравад
کس در آتش به دل خویش «نظیری » نرود
Зон нигаҳ сӯхта будам ки хабардор шудам
زان نگه سوخته بودم که خبردار شدم