Ҳамеша тору пуди кори ноҳамвор май бастам
همیشه تار و پود کار ناهموار میبستم
Дил ва дастам набӯду хешро бар кор май бастам
دل و دستم نبود و خویش را بر کار میبستم
Буриши чандон ки мерафтам набӯдаш шафқатӣ бо ман
برش چندان که میرفتم نبودش شفقتی با من
Ба афсуни хешро бар муҳаррамони ёр май бастам
به افسون خویش را بر محرمان یار میبستم
Дар он кӯи як шабами гули гашт маҳтобӣ нашуд рӯзӣ
در آن کو یک شبم گل گشت مهتابی نشد روزی
Ҳамеша хешро чун соя бар девор май бастам
همیشه خویش را چون سایه بر دیوار میبستم
Агарчӣ пой то сари узри тақсир ва гунаҳ будам
اگرچه پای تا سر عذر تقصیر و گنه بودم
зи хиҷлатҳои исёни лаби зи истиғфор май бастам
ز خجلتهای عصیان لب ز استغفار میبستم
Касе дигар ба ҷузи ман лиззат нуқсон наме донист
کسی دیگر به جز من لذت نقصان نمیدانست
Гар аз аввали раҳи савдои дарин бозор май бастам
گر از اول ره سودا درین بازار میبستم
намеафтод чандини рахна дар бунёди расвоӣ
نمیافتاد چندین رخنه در بنیاد رسوایی
Гар аз оғози дасти ақли даъвии дор май бастам
گر از آغاز دست عقل دعوی دار میبستم
Камар дар хизматат умрӣаст май бандам чаҳ шуд қадарам
کمر در خدمتت عمریست میبندم چه شد قدرم
Брҳмн мешудамгар ин қадари зуннор май бастам
برهمن میشدم گر این قدر زنار میبستم
Ниҳоли умри пайванд ту кардам брншди ҳосил
نهال عمر پیوند تو کردم برنشد حاصل
Самар медод агар ин нахлро бар хор май бастам
ثمر میداد اگر این نخل را بر خار میبستم
« назирӣ » ин таманноу талаб то вақти мурдан буд
«نظیری» این تمنا و طلب تا وقت مردن بود
Матоъи ҷон ба ғорат мешуд ва ман бор май бастам
متاع جان به غارت میشد و من بار میبستم