Зини ғам на гиря ояду не нола баркашам

زین غم نه گریه آید و نی ناله برکشم

Сахтаст ҳоли мушкил агар то саҳари кашам

سخت است حال مشکل اگر تا سحر کشم

Ғоиб нагашта аз назар аз по даромадам

غایب نگشته از نظر از پا درآمدم

Ман он ним ки ранҷи фироқи сафари кашам

من آن نیم که رنج فراق سفر کشم

Он булбули надидаи баҳорам ки интизор

آن بلبل ندیده بهارم که انتظار

Дар ошёни зи кӯтаҳии болу пари кашам

در آشیان ز کوتهی بال و پر کشم

Бдхўии хонаи зодаму мағрури хизматам

بدخوی خانه‌زادم و مغرور خدمتم

Маъзӯрам ар зи амри ту як бори саркашам

معذورم ار ز امر تو یک بار سرکشم

Пайдо шавад ки ҳарчӣ маро ҳаст зон тест

پیدا شود که هرچه مرا هست زان تست

Фардо ки рахти хеши азин кӯбаи дркшм

فردا که رخت خویش ازین کو به درکشم

Моу суфоли он саги кӯ зонка ин шароб

ما و سفال آن سگِ کو، زانکه این شراب

Мастӣ намедиҳад чу зи ҷом дигар кашам

مستی نمی دهد چو ز جام دگر کشم

Чандон Марви зи ҳуш « назирӣ » ба рӯзи васл

چندان مرو ز هوش «نظیری » به روز وصل

Кини ҷон бебаҳоаш ба пеши назари кашам

کین جان بی‌بهاش به پیش نظر کشم