Сухани дӯсти гарон буд фаровон кардам

سخن دوست گران بود فراوان کردم

Ҷон ба байъона биёред ки арзон кардам

جان به بیعانه بیارید که ارزان کردم

Гирди роҳи Хизрӣ аз назарам ме пошед

گرد راه خضری از نظرم می پاشید

Сӯй ҳар чашма шудам чашма ҳайвон кардам

سوی هر چشمه شدم چشمه حیوان کردم

Ҳеҷ эксир ба таъсир муҳаббат нарасад

هیچ اکسیر به تأثیر محبت نرسد

Куфр оварадам ва дар ишқи ту имон кардам

کفر آوردم و در عشق تو ایمان کردم

Ҳамаи боистним буд чу рафт омад кор

همه بایستنیم بود چو رفت آمد کار

Ҳарчӣ дар кор набоист ҳама он кардам

هرچه در کار نبایست همه آن کردم

Ним соъат ба худ аз тафриқа натавон пардохт

نیم ساعت به خود از تفرقه نتوان پرداخت

Дар мақомӣ ки дили ҷамъ парешон кардам

در مقامی که دل جمع پریشان کردم

Ҳарчӣ омӯхта будам ҳама аз ёдам рафт

هرچه آموخته بودم همه از یادم رفت

Суди чли сола ба савдои ту нуқсон кардам

سود چل ساله به سودای تو نقصان کردم

Ҳол аз он тарки сияҳи чашми мпўшид ки ман

حال از آن ترک سیه چشم مپوشید که من

Саҳари пеши назараши барадам ва қирон кардам

سحر پیش نظرش بردم و قران کردم

Сӯии ту раҳ ба такопуӣ хирад натавон кард

سوی تو ره به تکاپوی خرد نتوان کرد

Саъии чандон ки ба таҳқиқ ту битавон кардам

سعی چندان که به تحقیق تو بتوان کردم

Хони хонон ки ба ёди назари тарбияташ

خان خانان که به یاد نظر تربیتش

Табъгар хок нигоред маниш ҷон кардам

طبع گر خاک نگارید منش جان کردم

Нуктаи оройу ғазали санҷ « назирӣ » ме бош

نکته آرای و غزل سنج «نظیری » می باش

Ба мдиҳӣ ки туро соҳиб девон кардам

به مدیحی که تو را صاحب دیوان کردم