Боди наврӯзии магар аз кӯй ҷонон ме расад
باد نوروزی مگر از کوی جانان میرسد
Каз шамемаш бар тани афсурдагон ҷон ме расад
کز شمیمش بر تن افسردگان جان میرسد
Бози фарроши сабо дар мақдами султони гул
باز فراش صبا در مقدم سلطان گل
Аз паии ороиши бустон шитобон ме расад
از پی آرایش بستان شتابان میرسد
Сабза то оради хабар аз гул ба булбул дар чаман
سبزه تا آرد خبر از گل به بلبل در چمن
Чун шитобони пайкӣ аз шабнами хуй афшон ме расад
چون شتابان پیکی از شبنم خَویافشان میرسد
Рашк гардун шуд чаман аз гул кунун бар чархи пер
رشک گردون شد چمن از گل کنون بر چرخ پیر
Сдҳзорони таъна аз атфол бустон ме расад
سدهزاران طعنه از اطفال بستان میرسد
Бас ки боди афшонда бар ваии лолаҳои оташин
بس که باد افشانده بر وی لالههای آتشین
Оби ҷӯро таъна бар хок Бадахшон ме расад
آب جو را طعنه بر خاک بدخشان میرسد
Гулшан аз гули табъам аз маънии сети ганҷи шоягон
گلشن از گل طبعم از معنیست گنج شایگان
Дарҷи назмамро қўоФии шоягон зон ме расад
درج نظمم را قوافی شایگان زان میرسد
Дар гулистон ёрб ин ошуфтагӣ аз ишқ кист
در گلستان یارب این آشفتگی از عشق کیست
Гули гиребон май дарди сунбул парешон ме расад
گل گریبان میدرد سنبل پریشان میرسد
Ишқро дасти тасарруфи байн ки дар малики вуҷӯд
عشق را دست تصرف بین که در ملک وجود
Ҳукм ӯ ҳам бар набот ва ҳам ба ҳайвон ме расад
حکم او هم بر نبات و هم به حیوان میرسد
Сарвҳоро монда чун ман по ба гул ёрб ки гуфт
سروها را مانده چون من پا به گل یارب که گفت
Дар чамани он сарви қад инак хиромон ме расад
در چمن آن سرو قد اینک خرامان میرسد
Чашм наргис шуд сифед аз интизори мақдамӣ
چشم نرگس شد سفید از انتظار مقدمی
Гӯйӣ огоҳаст кӯ бо чашм фаттон ме расад
گویی آگاه است کو با چشم فتّان میرسد
Гул ба булбул меҳрбон омад ҳамоно он нигор
گل به بلبل مهربان آمد همانا آن نگار
Бо рухии рашки гул акнӯн дар гулистон ме расад
با رخی رشک گل اکنون در گلستان میرسد
Бас кун эй булбули фиғони коинки бипушади гули ниқоб
بس کن ای بلبل فغان کاینک بپوشد گل نقاب
эй дил афғон кун ки бози он офат ҷон ме расад
ای دل افغان کن که باز آن آفت جان میرسد
ӯ ба фикри ин ки афзоед ба дардами дардҳо
او به فکر این که افزاید به دردم دردها
Ман ба ин хуш кардаам хотир ки дармон ме расад
من به این خوش کردهام خاطر که درمان میرسد
Омад ва дар гулистон дидам зи хати оризаш
آمد و در گلستان دیدم ز خط عارضش
Гулистонии дигар аз насрин ва райҳон ме расад
گلستانی دیگر از نسرین و ریحان میرسد
Гуфтам эй зеби гулистон бар гул ва булбул бибин
گفتم ای زیب گلستان بر گل و بلبل ببین
То чаҳ сони дилбар ба дард дардмандон ме расад
تا چه سان دلبر به درد دردمندان میرسد
Гуфт ҳошои дардро дармон куҷо бошад ки гуфт
گفت حاشا درد را درمان کجا باشد که گفت
Кори ошиқи ҳаргиз аз ҷонон ба сомон ме расад
کار عاشق هرگز از جانان به سامان میرسد
Захм каз ёр аст осоед ҳам аз захм дигар
زخم کز یار است آساید هم از زخم دگر
Дард каз ишқ аст афзоед чун дармон ме расад
درد کز عشق است افزاید چون درمان میرسد
Гуфтам инак рӯзи наврӯзу ҷулуси шаҳриёр
گفتم اینک روز نوروز و جلوس شهریار
Гар расад сади қарн кӣ рӯзии бад-ӣн сон ме расад
گر رسد سد قرن کی روزی بدین سان میرسد
Рӯз наврӯзаст имрӯз ар чаҳ ҳар рӯз навай
روز نوروز است امروز ار چه هر روز نوی
Дар ҷаҳони куҳна аз бахт ҷҳонбон ме расад
در جهان کهنه از بخت جهانبان میرسد
Субҳи ид ва ҳар касеро баҳра аз анъоми шоҳ
صبح عید و هر کسی را بهره از انعام شاه
Ҷузи маро каз ту насибами ҷумла ҳурмон ме расад
جز مرا کز تو نصیبم جمله حرمان میرسد
Ифтихори хусравони фатҳъалии шаҳи онкӣ ӯ
افتخار خسروان فتحعلیشه آنکه او
Остонашро шараф бар авҷ кайвон ме расад
آستانش را شرف بر اوج کیوان میرسد
Аз ҳасб то бенгарӣ бартари з бартар ме равад
از حسب تا بنگری برتر ز برتر میرود
Вази насаб то бшмрии султон ба султон ме расад
وز نسب تا بشمری سلطان به سلطان میرسد
Миннаташ бар чархи азуи чандон ки хизмат май барад
منتش بر چرخ ازو چندان که خدمت میبرد
Хизматаш бар даҳри азуи чандон ки фармон ме расад
خدمتش بر دهر ازو چندان که فرمان میرسد
То падед омад вуҷӯдаши зи имтизоҷи чори табъ
تا پدید آمد وجودش ز امتزاج چار طبع
Фахрҳо бар ҳафт чарх аз чор арқон ме расад
فخرها بر هفت چرخ از چار ارکان میرسد
Бар хилофи аҳди даврони шукр кандар аҳд ӯ
بر خلاف عهد دوران شکر کاندر عهد او
Фахрҳо имрӯзи доноро ба нодон ме расад
فخرها امروز دانا را به نادان میرسد
Рӯзи ҳиҷо каз хурӯш ноӣу ғавғоӣ дароӣ
روز هیجا کز خروش نای و غوغای درای
Мункиронро бар субути ҳашар бурҳон ме расад
منکران را بر ثبوت حشر برهان میرسد
Аз ғубори тавсанону зи лмъаҳи теғу синон
از غبار توسنان و ز لمعهٔ تیغ و سنان
Рӯз чун шаби шаб чу рӯзи ин ҳар ду яксон ме расад
روز چون شب شب چو روز این هر دو یکسان میرسد
Ботил омад лои мулло назд ҳаким аз баси ҳаме
باطل آمد لا ملا نزد حکیم از بس همی
Бар фарози сатҳи гардуни гирд майдон ме расад
بر فراز سطح گردون گرد میدان میرسد
Боз монад аз таҳарруки рмҳҳоро нӯк ва бен
باز ماند از تحرک رمحها را نوک و بن
Аз ду ҷониби бас ки бар гардун гардон ме расад
از دو جانب بس که بر گردون گردان میرسد
Тир аз он сон дар шитоб омад ки гӯйии ошиқӣ
تیر از آن سان در شتاب آمد که گویی عاشقی
Бар висоли ёри худ инак з ҳиҷрон ме расад
بر وصال یار خود اینک ز هجران میرسد
Теғ агар маъшӯқ омад аз чаҳ хӯн гиряд чу абр
تیغ اگر معشوق آمد از چه خون گرید چو ابر
Вар буд ошиқ чаро чун барқ хандон ме расад
ور بود عاشق چرا چون برق خندان میرسد
Тираи бахатонро бапушанд либоси нестӣ
تیرهبختان را بپوشاند لباس نیستی
Гарчи худ бо пайкарии рахшон ва урён ме расад
گرچه خود با پیکری رخشان و عریان میرسد
Чун бар ояд бар саманди деви шакли бодпоӣ
چون بر آید بر سمند دیو شکل بادپای
Ҳудҳуди нусрат ҳаме гуяд сулаймон ме расад
هدهد نصرت همیگوید سلیمان میرسد
Осмонӣ бар замини пайдои азуи гоҳи хиром
آسمانی بر زمین پیدا ازو گاه خرام
Аз замин бар осмони ногуҳ ба ҷавлон ме расад
از زمین بر آسمان ناگه به جولان میرسد
Гар бронгиздши як раҳ аз ҳудӯди имтиноъ
گر برانگیزدش یک ره از حدود امتناع
То ба сари ҳади вуҷуб ар хоҳад осон ме расад
تا به سر حد وجوب ار خواهد آسان میرسد
Разм ӯ сайёрагон диданд гуфтанд алҳзр
رزم او سیارگان دیدند گفتند الحذر
зи оташи хашмаш кунун офат ба даравон ме расад
ز آتش خشمش کنون آفت به دروان میرسد
Муштарии тарсони ҳамеи нои пеш кайвон шуд давон
مشتری ترسان همی نا پیش کیوان شد دوان
Моҳро бо Зуҳра дид аз раҳ ҳаросон ме расад
ماه را با زهره دید از ره هراسان میرسد
Гуфт кайвон чун шуд он тарки ҷафоҷу Зуҳра гуфт
گفت کیوان چون شد آن ترک جفاجو زهره گفت
Монда аз сустӣ ба раҳи афтодан ва хезон ме расад
مانده از سستی به ره افتادن و خیزان میرسد
Гуфт бо маи ҳеҷ доне то чаро монадаст меҳр
گفت با مه هیچ دانی تا چرا ماندست مهر
Гуфт онро нисбатии борой султон ме расад
گفت آن را نسبتی بارای سلطان میرسد
Муштарии гуфто ҳамоно тири мондстӣ ба ҷой
مشتری گفتا همانا تیر ماندستی به جای
Каз дабирони хидматӣ ӯро ба девон ме расад
کز دبیران خدمتی او را به دیوان میرسد
Ҳам санояши воҷиб ва ҳам мумтанеъ шуд чун кунам
هم ثنایش واجب و هم ممتنع شد چون کنم
Зонка дар зотши сухани бартари з имкон ме расад
زانکه در ذاتش سخن برتر ز امکان میرسد