Дил аз пай хато шуду гомӣ хато накард
دل از پی خطا شد و گامی خطا نکرد
Ҷони пайрави ҳўошду комӣ раво накард
جان پیرو هواشد و کامی روا نکرد
Ин умр бе вафои магараши хуй дӯст бидор
این عمر بی وفا مگرش خوی دوست بدار
Каз мо гузашти ғофилу рӯ бар қафо накард
کز ما گذشت غافل و رو بر قفا نکرد
Оўх ки дасти марги гиребон ҷон гирифт
آوخ که دست مرگ گریبان جان گرفت
Ин нафаси шӯхи домани шаҳват раҳо накард
این نفس شوخ دامن شهوت رها نکرد
На давлатӣ бимонад ки аз мо дареғ дошт
نه دولتی بماند که از ما دریغ داشت
На неъматӣ гузошт ки бар мо ато накард
نه نعمتی گذاشت که بر ما عطا نکرد
Мушкил ки банда фарқ кунад тоъат аз гуноҳ
مشکل که بنده فرق کند طاعت از گناه
Чандон ато бидид ки гӯйӣ хато накард
چندان عطا بدید که گویی خطا نکرد
Гар хоки теғи равед вагар тири бордобр
گر خاک تیغ روید و گر تیر باردابر
Марду лои дӯсти ҳазар аз бало накард
مرد و لای دوست حذر از بلا نکرد
Тавҳид агар талаб кунӣ аз ишқи ҷӯ ки ақл
توحید اگر طلب کنی از عشق جو که عقل
Чун аҳвалони тамизи яке бо ду то накард
چون احولان تمیز یکی با دو تا نکرد
Фардо сазад ба оташ агар сўзмши нишот
فردا سزد به آتش اگر سوزمش نشاط
Ин дил ба рӯзгори ман акнӯн чаҳ ҳо накард
این دل به روزگار من اکنون چهها نکرد