Дар чашмаи Хизри шуълаи тавр
در چشمهٔ خضر شعلهٔ طور
ё рӯй ту май намояд аз давр
یا روی تو مینماید از دور
Бахти ману мақдами ту ҳайҳот
بخت من و مقدم تو هیهات
Ин бас ки туро бубинам аз давр
این بس که تو را ببینم از دور
Султонӣу хонимони дарвеш
سلطانی و خانمان درویش
Шоҳинӣу оёни ъсФўр
شاهینی و آیان عصفور
Аз рӯзи сиёҳи мо раво нест
از روز سیاه ما روا نیست
Гуфтани суханӣ бар ваии манзур
گفتن سخنی بر وی منظور
Дар ҳалқаи гесуонаши охир
در حلقهٔ گیسوانش آخر
Зикрӣ равад аз шубони диҷўр
ذکری رود از شبان دیجور
Аз раҳмат ӯ мабош навмед
از رحمت او مباش نومید
Вази тоъат худ мабош мағрур
وز طاعت خود مباش مغرور
Каз хизмати нописанди сади бор
کز خدمت ناپسند سد بار
Хуш тар бошад гуноҳи мғФўр
خوشتر باشد گناه مغفور
Аз ғайр чаро нишоти нолим
از غیر چرا نشاط نالیم
Афтода ба дасти нафаси мақҳур
افتاده به دست نفس مقهور
Дар рустаи мости шаҳнаи таррор
در رستهٔ ماست شحنه طرار
Бар махзани мости дузди ганҷур
بر مخزن ماست دزد گنجور
Мо шефта дар тўоиму иқбол
ما شیفته در توایم و اقبال
Дар мавкиби шаҳриёри Мансур
در موکب شهریار منصور
Бар дарга ӯ нишоти бодо
بر درگه او نشاط بادا
Солу мау рӯзу ҳафтаи масрур
سال و مه و روز و هفته مسرور