Ба ёд нест ҷузи инам ки ман ба ёд ту бошам
به یاد نیست جز اینم که من به یاد تو باشم
Ҷузи ин мурод надорам ки бар мурод ту бошам
جز این مراد ندارم که بر مراد تو باشم
Чу ёди ғмздаҳ ғам оварад аз он напасандам
چو یاد غمزده غم آورد از آن نپسندم
Ба худ ғамӣ ки мабодои ғамин ба ёд ту бошам
به خود غمی که مبادا غمین به یاد تو باشم
Ғамат мабод асирӣ агар ба дом ту мерад
غمت مباد اسیری اگر به دام تو میرد
Фидои хотири озоду ҷони шод ту бошам
فدای خاطر آزاد و جان شاد تو باشم
Маро чаҳ бок ки сади кӯҳ оташаст дар ин раҳ
مرا چه باک که سد کوه آتش است در این ره
Агар чаҳ коҳи заъифами асири бод ту бошам
اگر چه کاه ضعیفم اسیر باد تو باشم
Зиёда мекунам имрӯзи ҷурм то ки ба фардо
زیاده میکنم امروز جرم تا که به فردا
Писанди фазли туу раҳмати зиёд ту бошам
پسند فضل تو و رحمت زیاد تو باشم
Ба фазли байну карам бар ман заъифи худо ро
به فضل بین و کرم بر من ضعیف خدا را
Ки ман на дар хури мизони адл ва дод ту бошам
که من نه در خور میزان عدل و داد تو باشم
зи нестӣ раҳ ҳастӣ нишоти ҷуст , бигуфто
ز نیستی ره هستی نشاط جست، بگفتا
зи ман канора чаҳгирӣ ки дар ниҳод ту бошам
ز من کناره چه گیری که در نهاد تو باشم