Зиҳии рафеъи ҷанобӣ ки даргаи олӣат

زهی رفیع جنابی که درگه عالیت

Сипеҳрро ба басити замин ташаккул кард

سپهر را به بسیط زمین تشکل کرد

Арӯсии маънии табъами бъқди назми надод

عروسی معنی طبعم بعقد نظم نداد

Ки ҷузи бзиўри мадҳи тўош таҳаммул кард

که جز بزیور مدح تواش تحمل کرد

Раҳеи бхўостни қитъа аз ҷаноби ту дӯш

رهی بخواستن قطعه از جناب تو دوش

Пасӣ аз тафаккур бисёр бас тахайюл кард

پسی از تفکر بسیار بس تخیل کرد

Ки то чигуна кунад арзи ин ҳадиси бтў

که تا چگونه کند عرض این حدیث بتو

Басӣ тараддуд бинмуду бас тааммул кард

بسی تردد بنمود و بس تامل کرد

Ба дастёрии ин қитъа мултамис гардид

به دستیاری این قطعه ملتمس گردید

Ба поймардии алтофи ту таваккул кард

به پایمردی الطاف تو توکل کرد