Ишқ аз нави бози дастони сози гашт
عشق از نو باز دستانساز گشت
Акси сӯии асли охири бозгашт
عکس سوی اصل آخر بازگشت
Ҳиҷрҳо рафтанд ва омад васл ҳо
هجرها رفتند و آمد وصلها
Аксҳо рафтанди сӯии асл ҳо
عکسها رفتند سوی اصلها
Мурғии афтодаи сӯии дом аз чаман
مرغی افتاده سوی دام از چمن
Баси аҷаб гар гирад ором аз чаман
بس عجب گر گیرد آرام از چمن
Вари гирифторӣ ӯ бисёр шуд
ور گرفتاری او بسیار شد
Муддатии маҳҷӯр аз гулзор шуд
مدتی مهجور از گلزار شد
Табъ ӯ бо дому донаи ёри гашт
طبع او با دام و دانه یار گشت
Хотир ӯ фориғ аз гулзори гашт
خاطر او فارغ از گلزار گشت
Бо ҳам овозони бтрФи гулистон
با هم آوازان بطرف گلستان
Гоҳ дар парвозу гуҳ дар ошён
گاه در پرواز و گه در آشیان
То бидон ғояти бурун аз ёд кард
تا بدان غایت برون از یاد کرد
Кӯи ҳамеи худро гумон озод кард
کو همی خود را گمان آزاد کرد
Бовараши номад ки гулзоряш буд
باورش نامد که گلزاریش بود
Бо гулу гулшани сарви коряш буд
با گل و گلشن سرو کاریش بود
Буии гули рӯ дар чамани бнмоидш
بوی گل رو در چمن بنمایدش
Раҳнамои ҷазб гулистон оядаш
رهنما جذب گلستان آیدش
Ишқ аз нави бози дастон соз кард
عشق از نو باز دستان ساز کرد
Мурғи сӯии ошён парвоз кард
مرغ سوی آشیان پرواز کرد