Шбоҳнгом кин анқои фартут

شباهنگام کاین عنقای فرتوت

Шикам пар кард азин як донаи ёқӯт

شکم پر کرد ازین یک دانه یاقوت

Ба дашти анҷрк ором карданд

به دشت انجرک آرام کردند

Ба нўшонўш май дар ҷом карданд

به نوشانوش می در جام کردند

Дар он саҳро фурӯ хуфтанд сармаст

در آن صحرا فرو خفتند سرمست

Раёҳини зери пойу бода бар даст

ریاحین زیر پای و باده بر دست

Чу рӯз аз домани шаб сар баровард

چو روز از دامن شب سر برآورد

Замонаи тоҷи заррин бар сар оварад

زمانه تاج زرین بر سر آورد

Бар он пирӯзаи тахти он тоҷи дорон

بر آن پیروزه تخت آن تاج‌داران

Раҳо карданд май бар ҷуръаи хорон

رها کردند می بر جرعه‌خواران

Вази он ҷо то дар дайри парии сӯз

وز آن جا تا در دیر پری‌سوز

Париданд он парии рӯйон ба як рӯз

پریدند آن پری‌رویان به یک روز

Дар он менавии миногўни чмиднд

در آن مینوی میناگون چمیدند

Фалакро ришта дар мино кашиданд

فلک را رشته در مینا کشیدند

Бисотии сабз чун ҷони хирадманд

بساطی سبز چون جان خردمند

Ҳавои муътадил чун меҳри фарзанд

هوایی معتدل چون مهر فرزند

Насимии хуштар аз боди биҳиштӣ

نسیمی خوش‌تر از باد بهشتی

Заминро дар ба дарёи гул ба киштӣ

زمین را دُر به دریا گُل به کشتی

Шақоӣқи сангро бут хона карда

شقایق سنگ را بت‌خانه کرده

Сабои ҷаъди чаманро шона карда

صبا جعد چمن را شانه کرده

Мусалсал гашта бар гулҳои ҳмрӣ

مسلسل گشته بر گل‌های حمری

Навой булбулу овози қамарӣ

نوای بلبل و آواز قمری

Парандаи мурғакони густохи густох

پرنده مرغکان گستاخ گستاخ

Шамоил бар шамоили шох бар шох

شمایل بر شمایل شاخ بر شاخ

Ба ҳар гӯшаи ду мурғаки гӯш бар гӯш

به هر گوشه دو مرغک گوش بر گوش

Зада бар гули салои нӯш бар нӯш

زده بر گل صلای نوش بر نوش

Бидон гулшан расед он нақши пардоз

بدان گلشن رسید آن نقش‌پرداز

Ҳамон нақш нахустин кард оғоз

همان نقش نخستین کرد آغاز

Парии пайкар чу дид он сабзаи хуш

پری‌پیکر چو دید آن سبزهٔ خوش

Ба мебинишаст бо ҷамъии париваш

به می بنشست با جمعی پریوش

Дигар раҳ дид чашми меҳрбонаш

دگر ره دید چشم مهربانش

Дар он сӯрат ки буд ороми ҷонаш

در آن صورت که بود آرام جانش

Шигифтӣ монад аз он найранг созӣ

شگفتی ماند از آن نیرنگ‌سازی

Гузашти андешаи кораши зи бозӣ

گذشت اندیشهٔ کارش ز بازی

Дили саргаштаро дунболи бардошт

دل سرگشته را دنبال برداشت

Ба пой худ шуд он тимсоли бардошт

به پای خود شد آن تمثال برداشت

Дар он ойӣна дид аз худ нишоне

در آن آیینه دید از خود نشانی

Чу худро ёфт бе худ шуд замонӣ

چو خود را یافت بی‌خود شد زمانی

Чунон шуд дар сухани носози гуфтан

چنان شد در سخن ناساز گفتن

Казон гуфтан нишоед бози гуфтан

کزان گفتن نشاید باز گفتن

Луоби анкабутони магаси гир

لعاب عنکبوتان مگس‌گیر

Ҳумоеро нигар чун кард нахҷӣр

همایی را نگر چون کرد نخجیر

Дар он чашма ки девон хона карданд

در آن چشمه که دیوان خانه کردند

Париро байн ки чун девона карданд

پری را بین که چون دیوانه کردند

Ба чора ҳар куҷои тадбири созанд

به چاره هر کجا تدبیر سازند

На мардуми девро нахҷӣри созанд

نه مردم دیو را نخجیر سازند

Чу он гули барги рӯйон бар сари хок

چو آن گل‌برگ‌رویان بر سر خاک

Гули сад баргро диданди ғами нок

گل صد برگ را دیدند غم‌ناک

Бдонстнди кони кор парӣ нест

بدانستند کآن کار پری نیست

Аҷаб корӣаст корӣ срсрӣ нест

عجب کاری است کاری سرسری نیست

Аз он пеша пушаймонӣ гирифтанд

از آن پیشه پشیمانی گرفتند

Бар он сӯрати сано хуоне гирифтанд

بر آن صورت ثنا‌خوانی گرفتند

Ки сар бозӣ кунем ва ҷон фишонем

که سر بازی کنیم و جان فشانیم

Магар ки аҳволи сӯрат боз донем

مگر که‌احوال صورت باز دانیم

Чу ширин дид ки эшон рост гӯйанд

چو شیرین دید که ایشان راست‌گویند

Ба чораи рост кардани чораи ҷӯянд

به چاره راست کردن چاره جویند

Ба ёрӣ хостан бинмуд зорӣ

به یاری خواستن بنمود زاری

Ки ёронро з ёронаст ёрӣ

که یاران را ز یارانست یاری

Туро аз ёри нгризд ба ҳар кор

تو را از یار نگزیرد به هر کار

Худоӣаст он ки бемисласт ва бе ёр

خدای است آن که بی مثل است و بی یار

Басои коро ки аз ёрӣ барояд

بسا کارا که از یاری برآید

Бибояд ёр то корӣ барояд

بباید یار تا کاری برآید

Бидон бут пайкарон гуфт он дили ором

بدان بت پیکران گفت آن دل‌آرام

Каз ин пайкар шудам бесабру ором

کز این پیکر شدم بی‌صبر و آرام

Биё то ин ҳадис аз кас напушем

بیا تا این حدیث از کس نپوشیم

Бад-ӣни тимсоли нӯшин бода нӯшем

بدین تمثال نوشین باده نوشیم

Дигар бораи нишот оғоз карданд

دگر باره نشاط آغاز کردند

намеовараданду ъушрат соз карданд

می آوردند و عشرت ساز کردند

Паёпай шуд ғазалҳои ироқӣ

پیاپی شد غزل‌های عراقی

Бар омад бонги нўшои нӯши соқӣ

بر آمد بانگ نوشا نوش ساقی

Бут ширин набед талх дар даст

بت شیرین نبید تلخ در دست

Аз он талхӣу ширинии ҷаҳони маст

از آن تلخی و شیرینی جهان مست

Ба ҳар навбат ки май бар лаб наҳодӣ

به هر نوبت که می‌ بر لب نهادی

Заминро пеши сӯрат бӯса додӣ

زمین را پیش صورت بوسه دادی

Чу мастии ошиқиро танг тар кард

چو مستی عاشقی را تنگ‌تر کرد

Сабурӣ дар замони оҳанг дар кард

صبوری در زمان آهنگ در کرد

Якеро зон батон бинишонад дар роҳ

یکی را زان بتان بنشاند در راه

Ки « ҳар касро ки бинӣ бар гузаргоҳ

که «هر کس را که بینی بر گذرگاه

Назар кун то дарин сомон чу пуед

نظر کن تا درین سامان چه پوید

Вазин сӯрат бипурсаш то чаҳ гуяд »

وزین صورت بپرسَش تا چه گوید‌»

Басӣ пурсида шуд пинҳону пайдо

بسی پرسیده شد پنهان و پیدا

намешуд сари он сӯрати ҳувайдо

نمی‌شد سِرّ آن صورت هویدا

Тан ширин гирифт аз ранҷи сустӣ

تن شیرین گرفت از رنج سستی

Каз он сӯрати надодаши каси дурустӣ

کز آن صورت ندادش کس درستی

Дар он андӯҳ май печид чун мор

در آن اندوه می‌پیچید چون مار

Фишонд аз ҷазаъҳо лўлўии шҳўор

فشاند از جزع‌ها لولوی شهوار