Чун бар ширини муқарари гашти шоҳӣ

چون بر شیرین مقرر گشت شاهی

Фурӯғи малик бар ма шуд зи моҳӣ

فروغ مُلک بر مه شد ز ماهی

Ба инсофаши раияти шоди гаштанд

به انصافش رعیت شاد گشتند

Ҳамаи зиндониёни озоди гаштанд

همه زندانیان آزاد گشتند

зи мазлӯмони олами ҷаври бардошт

ز مظلومان عالم جور برداشت

Ҳамаи ойини ҷавр аз даври бардошт

همه آیین جور از دور برداشت

з ҳар дарвозае бардошти боҷай

ز هر دروازه‌ای برداشت باجی

Наҷуст аз ҳеҷ деҳқонии хароҷӣ

نجُست از هیچ دهقانی خراجی

Мусаллам кард шаҳру рӯсто ро

مسلم کرد شهر و روستا را

Ки ба тар дошт аз дунёи дуо ро

که به‌تر داشت از دنیا دعا را

зи адлаши боз бо тиҳу шудаи хеш

ز عدلش باز با تِیهو شده خویش

Ба як ҷои оби хӯрдаи гург бо мяш

به یک جا آب خورده گرگ با میش

Раият ҳар чаҳ буд аз давру пайванд

رعیت هر چه بود از دور و پیوند

Ба дайн ва дод ӯ хӯрданд савганд

به دین و داد او خوردند سوگند

Фарохӣ дар ҷаҳони чандон асар кард

فراخی در جهان چندان اثر کرد

Ки як донаи ғаллаи сад беш тар кард

که یک دانه غله صد بیش‌تر کرد

Ният чун нек бошад подшо ро

نیت چون نیک باشد پادشا را

Гуҳари хезад ба ҷои гули гё ро

گُهر خیزد به جای گل گیا را

Дарахти баданяти хўшидаҳ шох аст

درخت‌ِ بَدْنیت خوشیده شاخ است

Шаҳи никўнитро пай фарох аст

شه نیکونیت را پی فراخ است

Фарохиҳоу танагиҳои атроф

فراخی‌ها و تنگی‌های اطراف

зи рои подшоҳ худ занад лоф

ز رای پادشاه خود زند لاف

зи чашм подшоҳ афтод рое

ز چشم پادشاه افتاد رایی

Ки бад рое кунад дар подшоиӣ

که بَدْ‌رایی کند در پادشایی

Чу ширин аз шҳншаҳ бехабар буд

چو شیرین از شهنشه بی‌خبر بود

Дар он шоҳии дилаши зеру зибр буд

در آن شاهی دلش زیر و زبر بود

Агар чаҳ давлат Кайхусравӣ дошт

اگر چه دولت کیخسروی داشت

Чу мадҳушони сари саҳро рӯй дошт

چو مدهوشان سر صحرا‌رُوی داشت

Хабар пурсед аз ҳар корвонӣ

خبر پرسید از هر کاروانی

Магари корндш аз хусрави нишоне

مگر کآرندش از خسرو نشانی

Чу огаҳ шуд ки шоҳи муштарии бахт

چو آگه شد که شاه مشتری‌بخت

Расонид аз замин бар осмони тахт

رسانید از زمین بر آسمان تخت

зи ганҷи афшонӣу гавҳари нисорӣ

ز گنج‌افشانی و گوهر‌نثاری

Ба ҷой оварад расми дӯсти дорӣ

به جای آورد رسم دوست‌داری

Валек аз кори Марями тнгдл буд

ولیک از کار مریم تنگدل بود

Ки Марям дар таассуби санги дил буд

که مریم در تعصب سنگ‌دل بود

Маликро дода бад дар рӯми савганд

ملک را داده بُد در رُوم سوگند

Ки бо кас дар насозад меҳру пайванд

که با کس در نسازد مهر و پیوند

Чу ширин аз чунин талхӣ хабар ёфт

چو شیرین از چنین تلخی خبر یافت

Нафасро зини ҳикояти талх тар ёфт

نفس را زین حکایت تلخ‌تر یافت

зи дили кӯр ӣ ба кори дил фурӯ монад

ز دل‌کور‌ی به کار دل فرو ماند

Дар он меҳнат чу хар дар гул форуманд

در آن محنت چو خر در گل فروماند

Дар он як соли ков фармондиҳӣ кард

در آن یک سال کاو فرماندهی کرد

На мурғӣ балки мӯриро нёзрд

نه مرغی بلکه موری را نیازرد

Дилаш чун чашми шӯхаш хуфтагӣ дошт

دلش چون چشم شوخش خفتگی داشت

Ҳамаи кораш чу зулф ошуфтагӣ дошт

همه کارش چو زلف آشفتگی داشت

Ҳаме тарсид ки зи шӯрида Эйӣ

همی‌ترسید که‌ز شوریده‌ایی

Кунад номӯси адлаш бе вафое

کند ناموس عدلش بی‌وفایی

Ҷузи он чора надид он сарви чолок

جز آن چاره ندید آن سرو چالاک

Каз он даъво кунад девони худ пок

کز آن دعوا کند دیوان خود پاک

Кунад тнҳорўӣ дар кори хусрав

کند تنهارَوی در کار خسرو

Ба танҳоӣ хӯрд тимори хусрав

به تنهایی خورد تیمار خسرو

Набӯд аз рои сусташи пой бар ҷой

نبود از رای سستش پای‌بر‌جای

Ки бедил буд ва бедил ҳаст бе рой

که بی‌دل بود و بی‌دل هست بی‌رای

Ба мавлоеи супурди он подшоҳӣ

به مولایی سپرد آن پادشاهی

Дилаш сайр омад аз соҳиби кулоҳӣ

دلش سیر آمد از صاحب‌کلاهی

Ба гули гавани раванда рахт барбаст

به گل‌گونِ رونده رخت بربست

Зада шопӯр бар фитрок ӯ даст

زده شاپور بر فتراک او دست

Ва зон хубон чу дар раҳи пои бФшрд

و زان خوبان چو در ره پای بفشرد

Каниз ӣ чандро бо хештани барад

کنیز‌ی چند را با خویشتن برد

Ки дар ҳар ҷой бо ӯ ёр буданд

که در هر جای با او یار بودند

Ба ранҷу роҳаташи ғам хор буданд

به رنج و راحتش غم‌خوار بودند

Басии бардошт аз дебоу динор

بسی برداشت از دیبا و دینار

зи ҷинси чорпоён низ бисёр

ز جنس چارپایان نیز بسیار

зи гову гӯсфанду асбу уштур

ز گاو و گوسفند و اسب و اشتر

Чу дарё карда кӯҳу даштро пар

چو دریا کرده کوه و دشت را پر

Вази он ҷои сӯй қаср омад ба таъҷил

وز آن‌جا سوی قصر آمد به تعجیل

Пас ӯ чорпоёни майл дар майл

پسِ او چارپایان میل در میل

Дигар раҳ дар садаф шуд лؤлؤ тар

دگر ره در صدف شد لؤلؤ‌ تَر

Ба санги хештан дар дод гавҳар

به سنگ خویشتن در داد گوهر

Ба ҳўри ҳиндӯ ан омад хазина

به هور هندو‌ان آمد خزینه

Ба санги ситон ғам рафт обгина

به سنگ‌ستان غم رفت آبگینه

Аз он дар хуши об , он санги сӯзон

از آن دُر خوش‌آب، آن سنگ سوزان

Чу оташи гоҳ мӯбад шуд фурӯзон

چو آتش‌گاهِ موبد شد فروزان

з рӯй ӯ ки бади хуррами баҳор ӣ

ز روی او که بُد خرم بهار‌ی

Шуд он оташи кода чун лолаи зор ӣ

شد آن آتش‌کده چون لاله‌زار‌ی

зи гармии кони ҳаво дар кор ӯ буд

ز گرمی کآن هوا در کار او بود

Ҳаво гуфтӣ ки гармии дор ӯ буд

هوا گفتی که گرمی‌دار او بود

Малик донист комди ёри наздик

ملک دانست کآمد یار نزدیک

Бидид умедро дар кори наздик

بدید امّید را در کار نزدیک

зи Марям буд дар хотири ҳаросаш

ز مریم بود در خاطر هراسش

Ки Марями рӯз ва шаб медошт посаш

که مریم روز و شب می‌داشت پاسش

Ба маҳд оварданаш рухсат наме ёфт

به مهد آوردنش رخصت نمی‌یافت

Ба рафтан низ ҳам фурсат наме ёфт

به رفتن نیز هم فرصت نمی‌یافت

Ба пайғомӣ қаноат кард аз он моҳ

به پیغامی قناعت کرد از آن ماه

Ба бодии дили ниҳод аз хоки он роҳ

به بادی دل نهاد از خاک آن راه

Набӯдӣ як замон бе ёди дили дор

نبودی یک زمان بی‌یاد دل‌دار

Вази он андеша май печид чун мор

وز آن اندیشه می‌پیچید چون مار