Парии пайкарнигор парниёни пӯш

پری‌پیکر نگار پرنیان‌پوش

Бути сангини дили симини биногваш

بت سنگین‌دل سیمین بناگوش

Дар он водӣ ки ҷое буд дили гир

در آن وادی که جایی بود دل‌گیر

Нахурдӣ ҳеҷ хӯрдӣ хуштар аз шер

نخوردی هیچ خوردی خوش‌تر از شیر

Гараш сад гӯнаи ҳалвои пеш будӣ

گرش صد گونه حلوا پیش بودی

Ғизоаш аз Модёну мяш будӣ

غذاش از مادیان و میش بودی

Аз ӯ то чорпоёни давртар буд

از او تا چارپایان دورتر بود

зи шер овардан ӯро дарди сар буд

ز شیر آوردن او را درد سر بود

Ки перомуни он водӣ ба харвор

که پیرامون آن وادی به خروار

Ҳамаи хрзҳраҳи бад чун Зуҳраи мор

همه خرزَهره بد چون زَهرهٔ مار

зи чӯби заҳр чун чӯпон хабар дошт

ز چوب زهر چون چوپان خبر داشت

Чарогоҳи гилаи ҷой дигар дошт

چراگاه گله جایِ دگر داشت

Дили ширини ҳисоб шер ме кард

دل شیرین حساب شیر می‌کرد

Чаҳ фан созад дар он тадбир ме кард

چه فن سازد در آن تدبیر می‌کرد

Ки шер овардан аз ҷое чунон давр

که شیر آوردن از جایی چنان دور

Парасторон ӯро дошт ранҷур

پرستاران او را داشت رنجور

Чу шаби зулфи сиёҳи афканд бар дӯш

چو شب زلف سیاه افکند بر دوش

Ниҳод аз моҳи заррини ҳалқа дар гӯш

نهاد از ماه زرین حلقه در گوش

Дар он ҳалқа ки буд он моҳи дили сӯз

در آن حلقه که بود آن ماهِ دل‌سوز

Чу мори ҳалқа май печид то рӯз

چو مار حلقه می‌پیچید تا روز

Нишаста пеш ӯ шопӯр танҳо

نشسته پیش او شاپور تنها

Фурӯ карда з ҳар навъе сухан ҳо

فرو کرده ز هر نوعی سخن‌ها

Аз ин андешаи кони сарв сеӣ дошт

از این اندیشه کآن سرو سهی داشت

Дили фарзонаи шопӯр огаҳӣ дошт

دل فرزانه شاپور آگهی داشت

Чу гули рухи пеш ӯ он қиссаи бргФт

چو گل‌رخ پیش او آن قصه برگفت

Ниўшндаҳ чу барги лолаи бушковат

نیوشنده چو برگ لاله بشکفت

Намозаши барад чун ҳиндӯи парӣ ро

نمازش برد چون هندو پری را

Ситудаш чун Уториди муштарӣ ро

ستودش چون عطارد مشتری را

Ки ҳаст ин ҷои муҳандиси мардии устод

که هست این جا مهندس مردی استاد

Ҷавонии ном ӯ фарзонаи Фарҳод

جوانی نام او فرزانه فرهاد

Ба вақти ҳандасаи ибрати намое

به وقت هندسه عبرت‌نمایی

Мҷстии дони Уқлӣдуси гушойӣ

مجسطی‌دانِ اقلیدس‌گشایی

Ба теша чун сари санъати бухорад

به تیشه چون سر صنعت بخارد

Заминро мурғ бар моҳӣ нагорд

زمین را مرغ بر ماهی نگارد

Ба санъати сурхи гулро ранги бандад

به صنعت سرخ گل را رنگ بندد

Ба оҳани нақши чин бар санги бандад

به آهن نقش چین بر سنگ بندد

Ба пешаи дасти бўсндши ҳамаи рӯм

به پیشه دست بوسندش همه روم

Ба тешаи санги хороро кунад мум

به تیشه سنگ خارا را کند موم

Ба устодии чунин карт барояд

به استادی چنین کارت برآید

Бад-ӣни чашмаи гул аз хорат барояд

بدین چشمه گل از خارت برآید

Буд ҳар кор бе устоди душвор

بُود هر کار بی‌استاد دشوار

Нахусти устод бояд он гуҳии кор

نخست استاد باید آن‌گَهی کار

Шавад мард аз ҳисоби ангуштарӣ гар

شود مرد از حساب انگشتری‌گر

Валек аз мум ва гул наз оҳану зар

ولیک از موم و گل نز آهن و زر

Гарми фармони диҳии фармон пазирам

گرم فرمان دهی فرمان پذیرم

Ба даст оварданаш бар дасти гирам

به دست آوردنش بر دست گیرم

Ки мо ҳар ду ба чини ҳам зод будем

که ما هر دو به چین هم‌زاد بودیم

Ду шогирди яке устод будем

دو شاگرد یکی استاد بودیم

Чу ҳар моя ки буд аз пешаи бардошт

چو هر مایه که بود از پیشه برداشت

Қалам бар ман фиканд ӯ тешаи бардошт

قلم بر من فکند او تیشه برداشت

Чу шопӯри ин ҳикоятро ба сари барад

چو شاپور این حکایت را به سر برد

Ғами шер аз дили ширин ба дар барад

غم شیر از دل شیرین به در برد

Чу рӯзи ойӣнаи хуршеди дарбаст

چو روز آیینه خورشید دربست

Шаби сад чашм ҳар сад чашм барбаст

شب صد چشم هر صد چشم بربست

Таҷассус кард шопӯри он замин ро

تجسس کرد شاپور آن زمین را

Ба даст оварад Фарҳод гузин ро

به دست آورد فرهاد گزین را

Ба шодравони ширини баради шодаш

به شادروان شیرین برد شادش

Ба расми хоҷагони курсии ниҳодаш

به رسم خواجگان کرسی نهادش

Даромад кӯҳ кун монанди кӯҳӣ

درآمد کوه‌کن مانند کوهی

Каз ӯ омад хилоиқро шикваӣ

کز او آمد خلایق را شکوهی

Чу як пел аз ситабрӣу баландӣ

چو یک پیل از ستبری و بلندی

Ба миқдори ду пелаши зўрмндӣ

به مقدار دو پیلش زورمندی

Рақибони ҳарами бнўохтндш

رقیبان حرم بنواختندش

Ба воҷиби ҷойгоҳии сохтндш

به واجب جایگاهی ساختندش

Буруни пардаи Фарҳоди истода

برون پرده فرهاد ایستاده

Миёни дарбастау бозуи кушода

میان درْبسته و بازو گشاده

Дар андеша ки лаъибати бози гардун

در اندیشه که لعبت‌باز گردون

Чаҳ бозии орадаш зон пардаи берун

چه بازی آردش زان پرده بیرون

Ҷаҳони ногуҳи шабихунсозӣ Эй кард

جهان ناگه شبیخون سازی‌ای کرد

Пас он пардаи лаъибати бозӣ Эй кард

پس آن پرده لعبت‌بازی‌ای کرد

Ба ширини хандаҳои шаккарини соз

به شیرین‌خنده‌های شکرین‌ساز

Даромад шукри ширин ба овоз

درآمد شِکر شیرین به آواز

Ду қуфли шукр аз ёқӯти бардошт

دو قفل شِکر از یاقوت برداشت

Ваз ӯ ёқӯту шукри қӯти бардошт

وز او یاقوت و شِکر قوت برداشت

Рутабҳоӣ ки нахлаш бор ме дод

رطب‌هایی که نخلش بار می‌داد

Рутабро гӯши мол хор ме дод

رطب را گوش‌مال خار می‌داد

Ба нӯши ободи он хурмоӣ дар шер

به نوش‌آباد آن خرمای در شیر

Шукр хонд ангабинро чошнии гир

شکر خواند انگبین را چاشنی‌گیر

зи бас каз домани лаб шукр ифшоанд

ز بس کز دامن لب شِکر افشاند

Шукри доман ба хузистон барафшонад

شِکر دامن به خوزستان برافشاند

Шунидам ном ӯ ширин аз он буд

شنیدم نام او شیرین از آن بود

Ки дар гуфтани аҷаби ширини забон буд

که در گفتن عجب شیرین‌زبان بود

зи ширинӣ чаҳ гӯям ҳар чаҳ хоҳӣ

ز شیرینی چه گویم هر چه خواهی

Бар овозаш бихуфтӣ мурғу моҳӣ

بر آوازش بخفتی مرغ و ماهی

Тбрздро чу лаб пурнӯш кардӣ

طبرزد را چو لب پرنوش کردی

зи шукри ҳалқаҳо дар гӯш кардӣ

ز شِکّر حلقه‌ها در گوش کردی

Дар он маҷлис ки ӯ лаб баргушодӣ

در آن مجلس که او لب برگشادی

Набӯдӣ тан ки ҳолеи ҷони надодӣ

نبودی تن که حالی جان ندادی

Касеро кони сухан дар гӯш рафтӣ

کسی را کآن سخن در گوش رفتی

Гар афлотӯни бадӣ аз ҳуш рафтӣ

گر افلاطون بدی از هوش رفتی

Чу бигирифт он сухани Фарҳод дар гӯш

چو بگرفت آن سخن فرهاد در گوش

зи гармӣ , хӯн гирифташ дар ҷигари ҷӯш

ز گرمی، خون گرفتش در جگر جوش

Баровард аз ҷигари оҳии шағаби нок

برآورد از جگر آهی شغب‌ناک

Чу мсрўъии з пой афтод бар хок

چو مصروعی ز پای افتاد بر خاک

Ба рӯй хок меғалтид бисёр

به روی خاک می‌غلتید بسیار

Вази он сар кӯфтани печид чун мор

وز آن سر کوفتن پیچید چون مار

Чу ширин дид кони ороми рафта

چو شیرین دید کآن آرام‌رفته

Дилӣ дорад чу мурғ аз доми рафта

دلی دارد چو مرغ از دام رفته

Ҳам аз роҳ сухан шуд чораи созиш

هم از راه سخن شد چاره‌سازش

Бдони дона ба дом оварад бозаш

بِدآن دانه به دام آورد بازش

Пас он гуҳ гуфт к-эии донандаи устод

پس آن گه گفت کاِی داننده استاد

Чунон хоҳам ки гирдонеи марои шод

چنان خواهم که گردانی مرا شاد

Муроди ман чунонаст эй ҳунарманд

مراد من چنان است ای هنرمند

Ки бигушое дили ғами гинм аз банд

که بگشایی دل غم‌گینم از بند

Ба чобуки дастӣу устодкорӣ

به چابک‌دستی و استادکاری

Кунӣ дар кори ин қасри устуворӣ

کنی در کار این قصر استواری

Гила давраст ва мо муҳтоҷ шерем

گله دور است و ما محتاج شیریم

Тилисмӣ кун ки шери осони бигирем

طلسمی کن که شیر آسان بگیریم

зи мо то гӯсфандони як ду фарсанг

ز ما تا گوسفندان یک دو فرسنگ

Бибояд кунад ҷӯии муҳкам аз санг

بباید کند جویی محکم از سنگ

Ки чўпононми он ҷо шер дӯшанд

که چوپانانم آن جا شیر دوشند

Прсторонми ин ҷо шер нӯшанд

پرستارانم این جا شیر نوشند

зи ширини гуфтану гуфтори ширин

ز شیرین گفتن و گفتار شیرین

Шудаи ҳуш аз сари Фарҳоди мискин

شده هوش از سر فرهاد مسکین

Суханҳоро шунидан ме тавонист

سخن‌ها را شنیدن می‌توانست

Валикини фаҳм кардан ме надонист

ولیکن فهم کردن می‌ندانست

Забонаш кард посухро Фромшт

زبانش کرد پاسخ را فرامشت

Ниҳод аз оҷизӣ бар дидаи ангушт

نهاد از عاجزی بر دیده انگشت

Ҳикояти бозҷст аз зердастон

حکایت بازجست از زیردستان

Ки мастам кӯрдил бошанд мисатон

که مستم کوردل باشند مستان

Надонам ков чаҳ мегуяд бигӯед

ندانم کاو چه می‌گوید بگویید

зи ман комӣ ки меҷӯяд биҷавӣед

ز من کامی که می‌جوید بجویید

Рақибони он ҳикоят барграфтанд

رقیبان آن حکایت برگرفتند

Суханҳоӣ ки рафт аз сар гирифтанд

سخن‌هایی که رفت از سر گرفتند

Чу огаҳи гашт аз он андешаи Фарҳод

چو آگه گشت از آن اندیشه فرهاد

Фиканд он ҳукмро бар дидаи бунёд

فکند آن حکم را بر دیده بنیاد

Дар он хизмат ба ғоят чобукӣ дошт

در آن خدمت به غایت چابکی داشت

Ки кори нозанинон нозукӣ дошт

که کار نازنینان نازکی داشت

Аз он ҷо рафт беруни теша дар даст

از آن جا رفت بیرون تیشه در دست

Гирифт аз меҳрбонии пеша дар даст

گرفت از مهربانی پیشه در دست

Чунон аз ҳам дарид андоми он бум

چنان از هم درید اندام آن بوم

Ки мешуд зери захмаши санг чун мум

که می‌شد زیر زخمش سنگ چون موم

Ба теша рӯй хоро ме харошид

به تیشه روی خارا می‌خراشید

Чу бед аз санг маҷро ме тарошед

چو بید از سنگ مجرا می‌تراشید

Ба ҳар теша ки бар санг озмудӣ

به هر تیشه که بر سنگ آزمودی

Ду ҳам сангаши ҷавоҳири музд будӣ

دو هم‌سنگش جواهر مزد بودی

Ба як моҳ аз миёни санги хоро

به یک ماه از میان سنگ خارا

Чу дарё кард ҷӯии ошкоро

چو دریا کرد جویی آشکارا

зи ҷои гӯсфандон то дар кох

ز جای گوسفندان تا در‌ِ کاخ

Дўрўиаҳи санг ҳо зад шох дар шох

دورویه سنگ‌ها زد شاخ در شاخ

Чу кор омад ба охири ҳавзае баст

چو کار آمد به آخر حوضه‌ای بست

Ки ҳавз кавсараш зад бӯса бар даст

که حوض کوثرش زد بوسه بر دست

Чунон тартиб кард аз санги ҷӯӣ

چنان ترتیب کرد از سنگ جویی

Ки дар дарзаш намегунҷид мӯе

که در درزش نمی‌گنجید مویی

Дар он ҳавза ки кард ӯ санги басташ

در آن حوضه که کرد او سنگ‌بستش

Равон шуд об гуфтӣ зоби дасташ

روان شد آب گفتی زآب‌دستش

Банно чандон тавонад буд душвор

بَنا چندان تواند بود دشوار

Ки банноро наомад теша дар кор

که بَنّا را نیامد تیشه در کار

Агар сад кӯҳ бояд кунад пӯлод

اگر صد کوه باید کند پولاد

Забун бошад ба дасти одамии зод

زبون باشد به دست آدمی‌زاد

Чаҳ чораи кон банӣ одам надонад

چه چاره کان بنی‌آدم نداند

Ба ҷузи мурдан ки зон бечора монад

به جز مردن که‌زان بیچاره ماند

Хабари бурданди ширинро ки Фарҳод

خبر بردند شیرین را که فرهاد

Ба моҳии ҳавзаи баст ва ҷӯй бикшод

به ماهی حوضه بست و جوی بگشاد

Чунон каз гӯсфандони шому шаби гир

چنان کز گوسفندان شام و شب‌گیر

Ба ҳавз ояд ба пои хештани шер

به حوض آید به پای خویشتن شیر

Биҳиштӣ пайкар омад сӯии он дашт

بهشتی‌پیکر آمد سوی آن دشت

Ба гирди ҷӯии шеру ҳавзи баргашт

به گِرد جوی شیر و حوض برگشت

Чунон пиндошти кони ҳавзи гузида

چنان پنداشت کآن حوض گزیده

Накарда сети одамӣ , ҳаст офарӣда

نکرده‌ست آدمی‌، هست آفریده

Балӣ бошад зи кори одамии давр

بلی باشد ز کار آدمی دور

Биҳишту ҷӯии шеру ҳавзау ҳур

بهشت و جوی شیر و حوضه و حور

Басӣ бар дасти Фарҳод офарин кард

بسی بر دست فرهاد آفرین کرد

Ки раҳмат бар чунон кас кин чунин кард

که رحمت بر چنان کس کاین چنین کرد

Чу заҳмат давр шуд наздик хондаш

چو زحمت دور شد نزدیک خواندش

зи наздикони худ бартари нишондаш

ز نزدیکان خود برتر نشاندش

Ки устодятро ҳақ чун гузорем

که استادیت را حق چون گذاریم

Ки мо худ музд шогирдон надорем

که ما خود مزد شاگردان نداریم

зи гавҳари шаби чароғӣ чанд будаш

ز گوهر شب‌چراغی چند بودش

Ки ақди гӯши гўҳрбнд будаш

که عقد گوش گوهربند بودش

зи нағзӣ ҳар дарӣ монанди тоҷӣ

ز نغزی هر دُری مانند تاجی

Ваз ӯ ҳар донаи шаҳриро хароҷӣ

وز او هر دانه شهری را خراجی

Кушод аз гӯш бо сад узр чун нӯш

گشاد از گوش با صد عذر چون نوش

Шафоат кард кин бустон ва бифурӯш

شفاعت کرد کاین بستان و بفروش

Чу вақт ояд казин ба даст ёбем

چو وقت آید کزین بِهْ دست یابیم

зи ҳақи хизматат сар барнатобем

ز حق خدمتت سر برنتابیم

Бар он ганҷинаи Фарҳод офарин хонд

بر آن گنجینه فرهاد آفرین خواند

зи дасташи бастад ва дар поиш ифшоанд

ز دستش بِستد و در پایش افشاند

Вази он ҷои роҳи саҳрои тези бардошт

وز آن جا راه صحرا تیز برداشت

Чу дарёи ашки сҳроризи бардошт

چو دریا اشک صحراریز برداشت

зи бими он ки кор аз нур ме шуд

ز بیم آن که کار از نور می‌شد

Ба сад мардии зи мардум давр ме шуд

به صد مردی ز مردم دور می‌شد