Ҷавобаш дод сарви лолаи рухсор

جوابش داد سرو لاله‌رخسار

Ки доими боди давлат бар ҷаҳони дор

که دایم باد دولت بر جهان‌دار

Фалаки банди камари шамшери бодат

فلک بند کمر شمشیر بادت

Тани пелу шикваи шери бодат

تن پیل و شکوه شیر بادت

Сиррӣ каз тавқ ту ҷӯяд ҷудоӣ

سری کز طوق تو جوید جدایی

Мабод аз банди бедодаши раҳоӣ

مباد از بند بیدادش رهایی

Ба чашми неки бинодти нкўхўоаҳ

به چشم نیک بینادت نکوخواه

Мабодои чашми бадро сӯии ту роҳ

مبادا چشم بد را سوی تو راه

Мазан таъна ки бар боло задӣ тахт

مزن طعنه که بر بالا زدی تخت

Канизони туро боло буд рахт

کنیزان تو را بالا بود رخت

Илми гаштам ба ту дар меҳрбонӣ

عَلَم گشتم به تو در مهربانی

Илми болои сари беҳтари ту доне

عَلَم بالای سر بهتر تو دانی

Ман он гирдам ки аз роҳ ту ояд

من آن گَردم که از راه تو آید

Агар гирди ту боло рафт шояд

اگر گرد تو بالا رفت شاید

Ту ҳастӣ аз сари соҳиби кулоҳӣ

تو هستی از سر صاحب‌کلاهی

Нишаста бар сарири подшоҳӣ

نشسته بر سریر پادشاهی

Ман аз ишқати баровардаи фиғонӣ

من از عشقت برآورده فغانی

Ба бомай бар чу ҳиндӯи посбонӣ

به بامی بر چو هندو پاسبانی

Ҷаҳони дорон ки таркон ом доранд

جهان‌داران که ترکان عام دارند

Ба хизмати ҳиндӯе бар бом доранд

به خدمت هندویی بر بام دارند

Ман он тарки сияҳи чашмам бар ин бом

من آن تُرک سیه‌چشمم بر این بام

Ки ҳиндӯӣ сипедат шуд марои ном

که هندوی سپیدت شد مرا نام

Вагар болой ма бошад нишастам

و گر بالای مه باشد نشستم

Шҳншаҳро каминаи зердастам

شهنشه را کمینه زیردستم

Дигар гуфтӣ ки онон ки арҷманданд

دگر گفتی که آنان که‌ارجمندند

Чунин бар рӯй меҳмон дар набанданд

چنین بر روی مهمان در نبندند

На меҳмонӣ , туе бози шикорӣ

نه مهمانی‌، تویی باز شکاری

Тамаъи дорӣ ба Кебеки кӯҳи сорӣ

طمع داری به کبک کوه‌ساری

Вагар меҳмонӣ инак додмти ҷой

و گر مهمانی‌ اینَک دادمت جای

Ман инак чун канизони пеш бар пой

من اینَک چون کنیزان پیش بر پای

Ба соҳиби радӣу соҳиби қабӯлӣ

به صاحب ردی و صاحب قبولی

Нишоед кард меҳмонро фузулӣ

نشاید کرد مهمان را فضولی

Ҳадиси он ки дар бастами раво буд

حدیث آن که در بستم روا بود

Ки сармаст омадани пешами хато буд

که سرمست آمدن پیشم خطا بود

Чу ман хилват нишин бошам ту махмур

چو من خلوت‌نشین باشم تو مخمور

зи тӯҳмати рои мардум кӣ буд давр ?

ز تهمت رای مردم کِی بُوَد دور‌‌؟

Туро боист перӣ чанд ҳушёр

تو را بایست پیری چند هشیار

Гузин кардан , фиристодани бад-ӣни кор

گُزین کردن، فرستادن بدین کار

Марои бурдан ба маҳди хсрўоиин

مرا بردن به مهد خسروآیین

Шабистонро ба ман кардани нўоиин

شبستان را به من کردن نوآیین

Чу ман ширини савории ?зинаи арзад

چو من شیرین‌سواری زینی ارزد

Арӯсӣ чун шукри коўинии арзад

عروسی چون شِکر کاوینی ارزد

Ту май хоҳии магар каз роҳи дастон

تو می‌خواهی مگر کز راه دستان

Ба нқлонми хурӣ чун нақли мисатон

به نقلانم خُوری چون نُقل مستان

Ба дасти ореи маро чун ғофилони маст

به دست آری مرا چون غافلانْ مست

Чу гул бӯе кунӣ андозӣ аз даст

چو گل بویی کنی اندازی از دست

Макун пардаи дарӣ дар маҳди шоҳон

مکن پرده‌دری در مهد شاهان

Туро он бас ки кардӣ дар сипоҳон

تو را آن بس که کردی در سپاهان

Ту бо шукр туоне кард ин шӯр

تو با شکر توانی کرد این شور

На бо ширин ки бар шукр кунад зӯр

نه با شیرین که بر شکر کند زور

Шикаррези туро шукр тамом аст

شکرریز تو را شکر تمام است

Ки ширин шаҳд шуд венаи шаҳд хом аст

که شیرین شهد شد وین شهد خام است

Ду лухтӣ буд , дар як лухти бастанд

دو لَختی بود در‌، یک لَخت بستند

зи товуси ду пар , як пари шикастанд

ز طاووس دو پر، یک پر شکستند

Ду дилбари доштан аз як дилӣ нест

دو دلبر داشتن از یک‌دلی نیست

Ду дил бӯдани тариқ оқилӣ нест

دو دل بودن طریق عاقلی نیست

Сазовор Уторид шуд ду пайкар

سزاوار عطارد شد دو پیکر

Ту хуршедии туро як бурҷ ба тар

تو خورشیدی تو را یک برج به‌تر

Раҳо кун номи ширин аз лаби хеш

رها کن نام شیرین از لب خویش

Ки ширинии даҳонатро кунад риш

که شیرینی دهانت را کند ریش

Ту аз ишқи ман ва ман бе ниёзӣ

تو از عشق من و من بی‌نیازی

Ба ман бозӣ кунӣ дар ишқи бозӣ

به من بازی کنی در عشق‌بازی

Мазан шамшер бар ширини мазлӯм

مزن شمشیر بر شیرین مظلوم

Туро он бас ки барадии найза дар рӯм

تو را آن بس که بردی نیزه در روم

Чу султони шӯ ки бо як гӯй созад

چو سلطان شو که با یک گوی سازد

На чун ҳиндӯ ки бо даҳ гӯй бозад

نه چون هندو که با ده گوی بازد

зи даҳ гӯйӣ ба даҳ сӯеаст новирд

ز دَه گویی به دَه سویی است ناورد

зи як гӯйӣ ба як гӯйӣ расад мард

ز یک‌گویی به یک گویی رسد مرد

Маро аз рӯй ту як қибла дар пеш

مرا از روی تو یک قبله در پیش

Туро қиблаи ҳазор аз рӯй ман беш

تو را قبله هزار از روی من بیش

Агар зиборхӣ рафт аз канорат

اگر زیبارخی رفت از کنارت

Аз ӯ зеботар инак даҳ ҳазорат

از او زیبا‌تر اینک ده هزارت

Туро мшкўии мишкӣни пари ғизолон

تو را مُشکوی مشکین پُر غزالان

Маяфкан саг бар ин оҳӯии нолон

مَیفکن سگ بر این آهوی نالان

зи дўрондозии мшкўии шоҳам

ز دوراندازی مُشکوی شاهم

Ки дар зиндони ин дайраст чоҳам

که در زندان این دِیر است چاهم

Шавам дар хонаи ғамнокии хеш

شوَم در خانهٔ غمناکی خویش

Нигаҳ дорам чу гавҳар , покии хеш

نگه دارم چو گوهر‌، پاکی خویش

Гули саршавӣ аз ин маънӣ ки пок аст

گِل سرشوی از این معنی که پاک است

Ба сар барме кунандашгар чаҳ хок аст

به سر برمی‌کنندش گر چه خاک است

Биёсоед ҳамаи шаби мурғу моҳӣ

بیاساید همه شب مرغ و ماهی

Наёсоем ман аз ҷонам чаҳ хоҳӣ ?

نیاسایم من‌، از جانم چه خواهی‌‌؟

Манам чун мурғ дар домии гирифта

منم چون مرغ در دامی گرفته

Дарии дарбаста ва бомай гирифта

دری دربسته و بامی گرفته

Чу тӯтии сохта бо оҳанӣни банд

چو طوطی ساخته با آهنین‌بند

Ба танҳоӣ чу анқо гашта хурсанд

به تنهایی چو عنقا گشته خرسند

Ту дар харгоҳ ва ман дар хонаи танг

تو در خرگاه و من در خانهٔ تنگ

Туро рӯзӣ биҳишт омад марои санг

تو را روزی بهشت آمد مرا سنگ

Чу ман бо захм ху кардам дар ин хор

چو من با زخم خو کردم در این خار

На марҳами бод дар олам на гули зор

نه مرهم باد در عالم نه گل‌زار

Ду рӯзи умр агар додаст агар дӯд

دو روز عمر اگر داد است اگر دود

Чунон каш бигузароне бугзарад зуд

چنان کش بگذرانی بگذرد زود

Балӣ чун рафт бояд зини гузаргоҳ

بلی چون رفت باید زین گذرگاه

зи хоро ба баридан то зи харгоҳ

ز خارا بِهْ بریدن تا ز خرگاه

Бар ин тани гӯи ҳамоил бар фалаки баст

بر این تن کو حمایل بر فلک بست،

Ба сарҳангии ҳамоил чун кунӣ даст

به سرهنگی، حمایل چون کنی دست؟

Ба гӯрӣ чун барии шер аз канорам

به گوری چون بری شیر از کنارم

Ки ширинам на охири ширхорам

که شیرینم نه آخر شیرخوارم

На он Тифлам ки аз ширини забонӣ

نه آن طفلم که از شیرین‌زبانی

Ба хурмоеи клиҷмро сетоне

به خرمایی کلیجم را ستانی

Дар ин хирман ки ту бар ту итоб аст

در این خرمن که تو بر تو عتاب است

Ба як ҷӯ бо миннати солӣ ҳисоб аст

به یک جو با مَنت سالی حساب است

Чу Зуҳраи арғунуниро ки созам

چو زُهره ارغنونی را که سازم

Бёзорми нахуст , он гуҳи навозам

بیازارم نخست، آن گه نوازم

Чу оташгар чаҳ охири нури покам

چو آتش گر چه آخر نور پاکم

Ба аввали навбати охири дўднокм

به اول نوبت آخر دودناکم

Нахуст оташ диҳад чархи он гуҳии об

نخست آتش دهد چرخ آن گهی آب

Ба ҳоли ташнагони дарбайни ва дарёб

به حال تشنگان دربین و دریاب

Ба файёзӣ ки бахшад бо рутаби хор

به فیاضی که بخشد با رطب خار

Ки бе хорами наёбади каси рутаби вор

که بی‌خارم نیابد کس رطب‌وار

Рутаб беустихон обӣ надорад

رطب بی‌استخوان آبی ندارد

Чу ма бешаб буд тобӣ надорад

چو مَه بی‌شب بود تابی ندارد

Басии ҳам суҳбатат бошад дар ин пӯст

بسی هم‌صحبتت باشد در این پوست

Валикини устихон , ман мағзам эй дӯст

ولیکن استخوان، من مغزم ای دوست

Ту дар ишқи ман аз молӣу ҷоҳӣ

تو در عشق من از مالی و جاهی

Чаҳ дидӣ ҷузи худовандӣу шоҳӣ

چه دیدی جز خداوندی و شاهی

Кадомин соъат аз ман ёд кардӣ ?

کدامین ساعت از من یاد کردی‌؟

Кадомин рӯзам аз худ шод кардӣ ?

کدامین روزم از خود شاد کردی‌؟

Кадомин ҷома бар ёдам даридӣ ?

کدامین جامه بر یادم دریدی‌؟

Кадомин хорӣ аз баҳрам кашидӣ ?

کدامین خواری از بهرم کشیدی‌؟

Кадомин пайкро додӣ паёмӣ ?

کدامین پیک را دادی پیامی‌؟

Кадомин шаб фиристодӣ саломӣ ?

کدامین شب فرستادی سلامی‌؟

Ту соғар мезадӣ бо дӯстони шод

تو ساغر می‌زدی با دوستان شاد

Қалам шопӯр мезад , тешаи Фарҳод

قلم شاپور می‌زد، تیشه فرهاد

Хониш
бхш 69 - посх додн шӣрӣн хсрв ро — фотмҳ зндӣ
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