Брҷўш дило ки вақт ҷӯш аст

برجوش دلا که وقت جوش است

Гуёӣ ҷаҳон чаро хамӯш аст

گویای جهان چرا خموش است

Майдон сухан марост имрӯз

میدان سخن مراست امروز

Ба зин суханӣ куҷост имрӯз

به زین سخنی کجاست امروز؟

Аҷрии хури дастранҷи хешам

اجری‌خور دست‌رنج خویشم

Гар муҳташамами зи ганҷи хешам

گر محتشمم ز گنج خویشم

Зини саҳари саҳаргаҳӣ ки ронам

زین سحر سحرگهی که رانم

Маҷмӯъаи ҳафт сабъ хонам

مجموعهٔ هفت سُبع خوانم

Саҳарӣ ки чунин ҳалол бошад

سحری که چنین حلال باشد

Мункир шуданаш вабол бошад

منکر شدنش وبال باشد

Дар саҳари сухани чунон тамомам

در سحر سخن چنان تمامم

Коиинаҳи ғайби гашти номам

کایینهٔ غیب گشت نامم

Шамшери забонам аз фасеҳӣ

شمشیر زبانم از فصیحی

Дорад сари мӯъҷизи масӣҳӣ

دارد سر معجز مسیحی

Нутқами асари ончунон намояд

نطقم اثر آن چنان نماید

Каз ҷазри асми забони кушояд

کز جذر اَصَم زبان گشاید

Ҳарфами зи табаш чунон фурӯзад

حرفم ز تبِش چنان فروزد

Ки ангушт бар ӯ наҳй бисӯзад

کاَنگشت بر او نهی بسوزد

Шеъри оби зи ҷӯйбор ман ёфт

شعر آب ز جویبار من یافت

Овоза ба рӯзгор ман ёфт

آوازه به روزگار من یافت

Ин бенамакон ки нони хўроннд

این بی‌نمکان که نان خورانند

Дар сояи ман ҷаҳони хўроннд

در سایهٔ من جهان خورانند

Афкандани сайди кор шер аст

افکندن صید کار شیر است

Рӯбаҳи зи шикори шер сайр аст

روبه ز شکار شیر سیر است

Аз хӯрдан ман ба кому ҳалқӣ

از خوردن من به کام و حلقی

Он ба ки з ман хуранд халқӣ

آن به که ز من خورند خلقی

Ҳосиди зи қабули ин равое

حاسد ز قبول این روایی

Давр аз ман ва ту ба жожи хое

دور از من و تو به ژاژ خایی

Чун соя шуда ба пеши ман паст

چون سایه شده به پیش من پست

Таъризи марои гирифта дар даст

تعریض مرا گرفته در دست

Гар пеша кунам ғазали сарое

گر پیشه کنم غزل‌سرایی

ӯ пеш наад дағали даройӣ

او پیش نهد دغل درآیی

Гар соз кунам қасоидии чуст

گر ساز کنم قصایدی چست

ӯ боз кунад қлоидии суст

او باز کند قلایدی سست

Бозам чу ба назм қисса ронад

بازم چو به نظم قصه راند

Қисса чаҳ кунам ки қисса хонд

قصه چه کنم که قصه خواند

Ман сиккаи занам ба қолабии хуб

من سکه زنم به قالبی خوب

ӯ низ занад валек мқлўб

او نیز زند ولیک مقلوب

Копии ҳама он кунад ки мардум

کَپّی همه آن کند که مردم

Пайдост дар оби тираи анҷум

پیداست در آب تیره انجم

Бар ҳар ҷасадӣ ки тобади он нур

بر هر جسدی که تابد آن نور

Аз соя хеш ҳаст ранҷур

از سایهٔ خویش هست رنجور

Соя ки нақисаи соз мард аст

سایه که نقیصه‌ساز مرد است

Дар танзгарӣ гарон навард аст

در طنزگری گران‌نورد است

Танзӣ кунад ва надорад озарм

طنزی کند و ندارد آزرم

Чун чашмаш нест кӣ буд шарм

چون چشمش نیست کی بود شرم؟

Пайғамбар кӯ надошт соя

پیغمبر کو نداشت سایه

Озод набӯд аз ин тилоия

آزاد نبود از این طلایه

Дарёии муҳӣтро ки пок аст

دریای محیط را که پاک است

Аз чирки даҳони саг чаҳ бокаст ?

از چرک دهان سگ چه باک است؟

Ҳарчанд зи чашми зарди гӯашон

هر چند ز چشم زردگوشان

Сурхаст рухами зи хӯни ҷӯшон

سرخ است رخم ز خون جوشان

Чун баҳр кунам канораи шӯе

چون بحر کنم کناره‌شویی

Аммо на з рӯй талхи рӯе

اما نه ز روی تلخ‌رویی

Захмӣ чу чароғ мехӯрам чуст

زخمی چو چراغ می‌خورم چست

Вази ханда чу шамъ мешавам суст

وز خنده چو شمع می‌شوم سست

Чун оинагар на оҳанӣнам

چون آینه گر نه آهنینم

Бо санги дилон чаро нишинам

با سنگ‌دلان چرا نشینم؟

Кон кандан ман мубин ки мардум

کآن کندن من مبین که مردَم

Ҷон кандан хасми байни зи дардам

جان کندن خصم بین ز دردم

Дар мункири санъатам баӣ нест

در منکر صنعتم بهی نیست

Колои шаб чоршанбеӣ нест

کالا شب چارشنبهی نیست

Дузд дар ман ба ҷой музд аст

دزد دُر من به جای مزد است

Бад гуядам арча бонг дузд аст

بد گویدم ار چه بانگ دزد است

Дуздон чу ба кӯии дузди ҷӯянд

دزدان چو به کوی دزد جویند

Дар кӯй дуанд ва дузд гӯйанд

در کوی دوند و دزد گویند

Дар дуздии ман ҳалоли бодаш

دُر دزدی من حلال بادش

Бади гуфтани ман вабол бошад

بد گفتن من وبال باشد

Бинад ҳунар ва ҳунар надонад

بیند هنر و هنر نداند

Бад мекунад ӣнқадар надонад

بد می‌کند این قدر نداند

Гар бо басараст бе басари бод

گر با بصر است بی‌بصر باد

Вари кӯр шудааст кӯртар бод

ور کور شده است کورتر باد

ӯ дуздад ва ман гудозам аз шарм

او دزدد و من گدازم از شرم

ДздоФшорӣаст ин , на озарм

دزدافشاری است این، نه آزرم

Неи не чу ба кдиаҳи дил ниҳода аст

نی‌نی چو به کدیه دل نهاده است

Гӯи хезу биё ки дар кушода аст

گو خیز و بیا که در گشاده است

Он коваст ниёзманди судӣ

آن کاوست نیازمند سودی

Гар ман бидамӣ чаҳ чора будӣ

گر من بدمی چه چاره بودی

Ганҷи ду ҷаҳон дар остинам

گنج دو جهان در آستینم

Дар дуздии муфлисӣ чаҳ байнам

در دزدی مفلسی چه بینم؟

Воҷиб садақаам ба зери дастон

واجب صدقه‌ام به زیر دستان

Гӯи хоҳи бдзду хоҳи бустон

گو خواه بدزد و خواه بستان

Дарёӣ дарасту кони ганҷам

دریای دُر است و کان گنجم

Аз нақби занон чигуна ранҷам

از نقب‌زنان چگونه رنجم؟

Ганҷина ба банд метавон дошт

گنجینه به بند می‌توان داشت

Хӯбӣ ба сапанд метавон дошт

خوبی به سپند می‌توان داشت

Модар ки спндёр додам

مادر که سپندیار دادم

Бо дръи спндёри зодам

با درع سپندیار زادم

Дар хати Низомӣ ар наҳй гом

در خط نظامی ار نهی گام

Бинии адади ҳазор ва як ном

بینی عدد هزار و یک نام

Волёси колФи барии зи ломш

والیاس کالف بری ز لامش

Ҳам бо навад ва нааст номаш

هم با نود و نه است نامش

Зингўнаҳи ҳазор ва як ҳисорам

زین گونه هزار و یک حصارم

Бо сад кам як силеҳ дорам

با صد کم یک سلیح دارم

Ҳам фориғам аз кашӣдан ранҷ

هم فارغم از کشیدن رنج

Ҳам эминам аз баридани ганҷ

هم ایمنم از بریدن گنج

Ганҷӣ ки чунин ҳисор дорад

گنجی که چنین حصار دارد

Ниқоб дар ӯ чикор дорад ?

نَقّاب در او چه‌کار دارد؟

Инаст ки ганҷ нест бе мор

این است که گنج نیست بی‌ مار

Ҳарҷо ки рутаб буд , буд хор

هر جا که رطب بود، بود خار

Ҳар номварӣ ки ӯ ҷаҳон дошт

هر ناموری که او جهان داشت

Бадном кунӣ з ҳамРаҳон дошт

بدنام کنی ز همرهان داشت

Юсуф ки зи моҳи ақд май баст

یوسف که ز ماه عقد می‌بست

Аз ҳақад бародарон наме раст

از حقد برادران نمی‌رست

Исо ки дамаш надошт дӯдӣ

عیسی که دمش نداشت دودی

Май баради ҷафоӣ ҳар ҷуҳудӣ

می‌برد جفای هر جهودی

Аҳмад ки саромади араб буд

احمد که سرآمد عرب بود

Ҳам хастаи хори бўлҳб буд

هم خستهٔ خار بولهب بود

Дайраст ки то ҷаҳон чунин аст

دیر است که تا جهان چنین است

Бе неши магас кам ангабин аст

بی نیش مگس کم‌انگبین است

То ман манам аз тариқи зӯрӣ

تا من منم از طریق زوری

Нозарди зи ман ҷиноҳи мӯрӣ

نازرد ز من جناح موری

Дарӣ ба хўшоб кас нишастам

دری به خوشاب کس نشُستم

Шӯридани кори каси нҷстм

شوریدن کار کس نجستم

Зонҷо ки на ман ҳариф хуем

زآن جا که نه من حریف خویم

Дар ҳақи сегӣ бадӣ нагӯям

در حق سگی بدی نگویم

Бар фисқи сегӣ ки шерем дод

بر فسق سگی که شیریم داد

( лоъиби ?ла ) далерем дод

«لاعیب له» دلیریم داد

Донам ки ғазаби наҳуфтаи беҳтар

دانم که غضب نهفته بهتر

Вена гуфта ки шуд нагуфта беҳтар

وین گفته که شد نگفته بهتر

Лекин ба ҳисоби кордонӣ

لیکن به حساب کاردانی

Беғайритӣаст бе забонӣ

بی‌غیرتی است بی‌زبانی

Он кас ки зи шаҳр ошноӣ аст

آن کس که ز شهر آشنایی است

Донад ки матоъи мо куҷое аст

داند که متاع ما کجایی است

Ваон кӯ ба кажӣ ман кашад даст

وان کو به کژی من کشد دست

Хасмаш на манам ки ҷуз манӣ ҳаст

خصمش نه منم که جز منی هست

Хомӯш дило зи ҳарзаи гӯйӣ

خاموش دلا ز هرزه‌گویی

Май хури ҷгарӣ ба тозаи рӯе

می‌خور جگری به تازه‌رویی

Чун гул ба раҳили кӯс май зан

چون گل به رحیل کوس می‌زن

Бар дасти кушандаи бӯс май зан

بر دست کشنده بوس می‌زن

Нони хӯрдаи зи хӯни хеш май дор

نان خورده ز خون خویش می‌دار

Сар нест кулоҳи пеш май дор

سر نیست کلاه پیش می‌دار

Озор кашӣ кун ва маёзор

آزار کشی کن و میآزار

Козрдаҳи ту ба ки халқ ба озор

کآزرده تو بِه که خلق به‌آزار