Чун сипар андохтани офтоб
چون سپر انداختن آفتاب
Гашти заминро сипари афкан бар об
گشت زمین را سپر افکن بر آب
Гашти ҷаҳон аз нафасаши танг тар
گشت جهان از نفسش تنگتر
Вази сипар ӯ спрки ранг тар
وز سپر او سپرک رنگتر
Бо сипар афкандан ӯ лашгараш
با سپر افکندن او لشگرش
Теғ кашиданд ба қасди сараш
تیغ کشیدند به قصد سرش
Гов ки хрмҳраҳи бадв дар кашанд
گاو که خرمهره بدو در کشند
Чунки биафтад ҳамаи ханҷари кашанд
چونکه بیفتد همه خنجر کشند
Тифли шаби оҳихт чу дар дояи даст
طفل شب آهیخت چو در دایه دست
Знглаҳи рӯзи Фропоши баст
زنگلهٔ روز فراپاش بست
Аз паии савдои шаби андешаи нок
از پی سودای شب اندیشهناک
Сохтаи маъҷуни муфарраҳи зи хок
ساخته معجون مفرح ز خاک
Хок шудаи боди масеҳоӣ ӯ
خاک شده بادِ مسیحای او
Об зада оташи савдоӣ ӯ
آب زده آتشِ سودای او
Шарбату ранҷур ба ҳам сохта
شربت و رنجور به هم ساخته
Хонаи савдо шудаи пардохта
خانه سودا شده پرداخته
Рехтаи ранҷури яке тоси хӯн
ریخته رنجور یکی طاس خون
Гашта зи сар то қадами анқоси гаван
گشته ز سر تا قدم انقاس گون
Ранги дарунӣ шуда берун нишин
رنگ درونی شده بیرون نشین
Гуфта қазо « кони ман алкоФрин »
گفته قضا «کان من الکافرین»
Ҳар нафасӣ аз сари таннозӣ ӣӣ
هر نفسی از سر طنازییی
Бозии шаби сохтаи шаби бозӣ ӣӣ
بازیِ شب ساخته شببازییی
Гуҳи қсби моҳи гул омез кард
گه قصبِ ماه گلآمیز کرد
Гоҳи дафи Зуҳраи дирам рез кард
گاه دفِ زهره درمریز کرد
Ман ба чунин шаб ки чароғӣ надошт
من به چنین شب که چراغی نداشت
Булбули он равза ки боғӣ надошт
بلبل آن روضه که باغی نداشت
Хӯни ҷигар бо сухан омехтам
خونِ جگر با سخن آمیختم
Оташ аз об ҷигар ангехтам
آتش از آب جگر انگیختم
Бо суханам чун суханӣ чанд рафт
با سخنم چون سخنی چند رفت
Бе касами андешаи дарин панд рафт
بی کسم اندیشه درین پند رفت
Ҳотифи хилват ба ман овоз дод
هاتف خلوت به من آواز داد
Вом чунон кун ки тавон боз дод
وام چنان کن که توان باز داد
Оби дарин оташ пакет чарост ?
آب درین آتش پاکت چراست؟
Боди ҷнибти каш хокат чарост ?
باد جنیبتکشِ خاکت چراست؟
Хоки таби оранда ба тобути бахш
خاکِ تبآرنده به تابوت بخش
Оташи тобанда ба ёқӯти бахш
آتشِ تابنده به یاقوت بخش
Тир Маяфкан ки ҳадафи рои тест
تیر میفکن که هدف رای تست
Мқръаҳ кам зан ки фарси пои тест
مِقرعه کم زن که فَرَس پای تست
Ғофил аз ин беш нишоед нишаст
غافل از این بیش نشاید نشست
Бар дар дили рез ,гар обят ҳаст
بر درِ دل ریز، گر آبیت هست
Дар хами ин хам ки кабӯдӣ хуш аст
در خم این خم که کبودی خوش است
Қиссаи дили гӯ ки сурӯдӣ хуш аст
قصه دل گو که سرودی خوش است
Даври шӯ аз роҳзанони ҳавос
دور شو از راهزنان حواس
Роҳи ту дил донад дилро шинос
راه تو دل داند دل را شناس
Арши равонӣ ки зи тан руста анд
عرشروانی که ز تن رستهاند
Шҳпри ҷбрил ба дил баста анд
شهپر جبریل به دل بستهاند
Вонкаҳи Аннан аз ду ҷаҳони тофтаи сет
وانکه عنان از دو جهان تافتهست
Қӯти зи девора дил ёфта сет
قوت ز دیواره دل یافتهست
Дил агар ин муҳраи об ва гул аст
دل اگر این مُهره آب و گل است
Хари ҳам аз иқболи ту соҳибдил аст
خر هم از اقبال ِتو صاحبدل است
Зинда ба ҷони худ ҳамаи ҳайвон буд
زنده به جان خود همه حیوان بوَد
Зинда ба дил бош ки умри он буд
زنده به دل باش که عمر آن بود
Дидау гӯш аз ғараз афзӯнӣ анд
دیده و گوش از غرض افزونیاند
Коргари парда берӯнӣ анд
کارگرِ پردهٔ بیرونیاند
Пунбаи дрокндаҳ чу гули гӯши ту
پنبه درآکنده چو گُل گوش تو
Наргиси чашми обилаи ҳуши ту
نرگسِ چشم آبلهٔ هوش تو
Наргису гулро чаҳ парастӣ ба боғ ?
نرگس و گل را چه پرستی به باغ؟
эй зи ту ҳам наргис ва ҳам гул ба доғ
ای ز تو هم نرگس و هم گل به داغ
Дида ки ойӣна ӣ ҳар нокас аст
دیده که آیینهی هر ناکس است
Оташ ӯ оби ҷавонӣ бас аст
آتش او آب جوانی بس است
Табъ ки бо ақл ба длолгии сет
طبع که با عقل به دلالگیست
Мунтазири нақди чиҳил солагии сет
منتظر نقد چهل سالگیست
То ба чиҳил сол ки болиғ шавад
تا به چهل سال که بالغ شود
Харҷи сФрҳош маболиғ шавад
خرج سفرهاش مبالغ شود
Ёр кунун боядат афсун махон
یار کنون بایدت افسون مخوان
Дарси чиҳил солагӣ акнӯн махон
درس چهل سالگی اکنون مخوان
Дасти баровари зи миёни чораи ҷӯй
دست برآور ز میان چاره جوی
Ин ғами дилро дили ғмхўораҳи ҷӯй
این غم دل را دل غمخواره جوی
Ғам махӯр албата ки ғмхўор ҳаст
غم مخور البته که غمخوار هست
Гардан ғам башикан агар ёр ҳаст
گردن غم بشکن اگر یار هست
Бенафасиро ки забун ғам аст
بی نفسی را که زبون غم است
Ёрии ёрони мададӣ муҳкам аст
یاری یاران مددی محکم است
Чун нафасӣ гарм шавад бо ду кас
چون نفسی گرم شود با دو کس
Нест шавад сад ғам аз он як нафас
نیست شود صد غم از آن یک نفس
Субҳи нахустин чу нафаси барзанад
صبح نخستین چو نفس برزند
Субҳи дувуми бонг бар ахтар занад
صبح دوم بانگ بر اختر زند
Пештарин субҳ ба хорӣ расад
پیشترین صبح به خواری رسد
Гарна пасини субҳ ба ёрӣ расад
گرنه پسین صبح به یاری رسد
Аз ту наёяд ба тӯии ҳеҷ кор
از تو نیاید به توی هیچ کار
Ёр талаб кун ки барояд зи ёр
یار طلب کن که برآید ز یار
Гарчи ҳамаи мамлакатӣ хор нест
گرچه همه مملکتی خوار نیست
Ёр талаб кун ки ба аз ёр нест
یار طلب کن که به از یار نیست
Ҳаст зи ёрии ҳамаро ногузир
هست ز یاری همه را ناگزیر
Хоссаи зи ёрӣ ки буд дастгир
خاصه ز یاری که بود دستگیر
Ин ду се ёрӣ ки ту дорӣ таранд
این دو سه یاری که تو داری ترند
Хушктар аз ҳалқа дар бар даранд
خشکتر از حلقه در بر درند
Дасти дроўиз ба фитроки дил
دست درآویز به فتراک دل
Об ту бошад ки шӯии хоки дил
آب تو باشد که شوی خاک دل
Чун малики алърши ҷаҳони офарид
چون ملکالعرش جهان آفرید
Мамлакати сӯрату ҷони офарид
مملکت صورت و جان آفرید
Дод ба тартиби адаби резишӣ
داد به ترتیب ادب ریزشی
Сӯрату ҷонро ба ҳам омезишӣ
صورت و جان را به هم آمیزشی
Зини ду ҳам огўш дил омад падед
زین دو همآگوش دل آمد پدید
Он халафии ков ба хилофат расед
آن خلفی کاو به خلافت رسید
Дил ки бар ӯ хутба султонӣ аст
دل که بر او خطبه سلطانی است
Акдши ҷисмонӣ ва рӯҳонӣ аст
اکدشِ جسمانی و روحانی است
Нури адимти з Суҳайл диласт
نور ادیمت ز سهیل دلست
Сӯрату ҷон ҳар ду туфайл диласт
صورت و جان هر دو طفیل دلست
Чун сухани дил ба димоғам расед
چون سخن دل به دماغم رسید
Равғани мағзам ба чароғам расед
روغن مغزم به چراغم رسید
Гӯш дар ин ҳалқаи забони сохтам
گوش در این حلقه زبان ساختم
Ҷони ҳадафи ҳотифи ҷони сохтам
جان هدف هاتف جان ساختم
Чарби забони гаштам аз он фарбеҳӣ
چربزبان گشتم از آن فربهی
Табъи зи шодии пар ва аз ғами тиҳӣ
طبع ز شادی پر و از غم تهی
Рехтам аз чашмаи чашми оби сард
ریختم از چشمه چشم آب سرد
Коташи дили оби маро гарм кард
کاتش دل آب مرا گرم کرد
Даст баровардам аз он дасти банд
دست برآوردم از آن دست بند
Роҳзанони оҷиз ва ман зӯрманд
راهزنان عاجز و من زورمند
Дар так он роҳи ду манзил шудам
در تک آن راه دو منزل شدم
То ба яке так ба дар дил шудам
تا به یکی تک به در دل شدم
Ман сӯии дили рафтау ҷони сӯии лаб
من سوی دل رفته و جان سوی لب
Нимаи умрам шуда то нимшб
نیمه عمرم شده تا نیمشب
Бар дар мқсўраҳи рӯҳонӣам
بر در مقصوره روحانیم
Гӯй шуда қомат чавгонем
گوی شده قامت چوگانیم
Гӯй ба дасти омадаи чавгони ман
گوی به دست آمده چوگان من
Доман ман гашта гиребони ман
دامن من گشته گریبان من
Пои зи сари сохтау сари зи пой
پای ز سر ساخته و سر ز پای
Гӯй сифат гашта ва чавгон намой
گویصفت گشته و چوگان نمای
Кори ман аз даст ва ман аз худ шуда
کار من از دست و من از خود شده
Сад зи яке дидаи яке сад шуда
صد ز یکی دیده یکی صد شده
Ҳамсафарони ҷоҳил ва ман нўсФр
همسفران جاهل و من نوسفر
Ғурбатам аз бекасеам талх тар
غربتم از بیکسیام تلختر
Раҳ на каз он дар битавонам гузашт
ره نه کز آن در بتوانم گذشت
Пои даруни неу сари бози гашт
پای درون نی و سرِ باز گشت
Чунки дар он нақб забонам гирифт
چونکه در آن نقب زبانم گرفت
Ишқи нақибона Аннанам гирифт
عشق نقیبانه عنانم گرفت
Ҳалқа задам гуфт бад-ӣн вақт кист ?
حلقه زدم گفت بدین وقت کیست؟
Гуфтам агар бор диҳӣ одамӣаст
گفتم اگر بار دهی آدمیست
Пешравон парда барандохтанд
پیشروان پرده برانداختند
Пардаи таркиб дар андохтанд
پرده ترکیب در انداختند
Лоҷарам аз хостарин сарой
لاجرم از خاصترین سرای
Бонг дар омад ки Низомии дарой
بانگ در آمد که نظامی درآی
Хостарин муҳаррами он дар шудам
خاصترین محرم آن در شدم
Гуфт даруни ои дарун тар шудам
گفت درون آی درونتر شدم
Боргаҳӣ ёфтам афрӯхта
بارگهی یافتم افروخته
Чашми бад аз дидан ӯ дӯхта
چشم بد از دیدن او دوخته
Ҳафт Халифа ба яке хона дар
هفت خلیفه به یکی خانه در
Ҳафт ҳикоят ба як афсона дар
هفت حکایت به یک افسانه در
Малик азон беш ки афлоки рост
ملک ازان بیش که افلاک راست
Дўлтёи хок ки он хоки рост
دولتیا خاک که آن خاک راست
Дар нафаси ободи дами ним сӯз
در نفس آباد دم نیمسوز
Садрнишин гашта шаҳи нимрўз
صدرنشین گشته شه نیمروز
Сурхи саворӣ ба адаби пеш ӯ
سرخ سواری به ادب پیش او
Лаъли қабоеи зафари андеш ӯ
لعل قبایی ظفر اندیش او
Талхи ҷавонии изкӣ дар шикор
تلخ جوانی یزکی در شکار
Зертар аз ваии сияҳии дрдхўор
زیرتر از وی سیهی دُردخوار
Қасд камӣн карда каманди афканӣ
قصد کمین کرده کمند افکنی
Сими зираи сохтаи рўӣини танӣ
سیم زره ساخته رویینتنی
Ин ҳамаи парвонау дили шамъ буд
این همه پروانه و دل شمع بود
Ҷумлаи парокандау дили ҷамъ буд
جمله پراکنده و دل جمع بود
Ман ба қаноат шудаи меҳмони дил
من به قناعت شده مهمان دل
Ҷон ба наво дода ба султони дил
جان به نوا داده به سلطان دل
Чун илми лашгар дил ёфтам
چون علم لشگر دل یافتم
Рӯй худ аз оламён тофтам
روی خود از عالمیان تافتم
Дил ба забон гуфт ки эй бе забон
دل به زبان گفت که ای بیزبان
Мурғ талаб бигузар аз ин ошён
مرغ طلب بگذر از این آشیان
Оташи ман муҳаррами ин дӯд нест
آتش من محرم این دود نیست
Кони намаки ин пораи намак суд нест
کان نمک این پاره نمک سود نیست
Соем аз ин сарви тўонотрст
سایهم از این سرو تواناترست
Поем аз ин поя ба боло тараст
پایهم از این پایه به بالا ترست
Ганҷам ва дар кӣсаи қоруни ним
گنجم و در کیسه قارون نیم
Бо ту ним вази ту ба беруни ним
با تو نیم وز تو به بیرون نیم
Мурғи лабам бо нафаси гарм ӯ
مرغ لبم با نفس گرم او
Пари забони рехта аз шарм ӯ
پر زبان ریخته از شرم او
Сохтам аз шарми сарафкандагӣ
ساختم از شرم سرافکندگی
Гӯши адаби ҳалқаи каши бандагӣ
گوش ادب حلقهکش بندگی
Хоҷа ӣ дили аҳди маро тоза кард
خواجهی دل عهدِ مرا تازه کرد
Номи Низомии фалак овоза кард
نام نظامی فلک آوازه کرد
Чунки надидам зи риёзати гзир
چونکه ندیدم ز ریاضت گزیر
Гаштам аз он хоҷаи риёзат пазир
گشتم از آن خواجه ریاضت پذیر