Пас аз як ду солим ки тавфиқи ҳӣ
پس از یک دو سالم که توفیق حی
Мусоид шуд ва тавба кардам з май
مساعد شد و توبه کردم ز می
Дигар бораи махдуми муллои бик
دگر باره مخدوم ملایِ بیک
Ки бодаши қарини рӯзу шаби бахти нек
که بادش قرین روز و شب بخت نیک
Ба ҷоми мрўқи хуморами шикаст
به جامِ مروّق خمارم شکست
Сари тавба бе ихтиёрами шикаст
سر توبه بیاختیارم شکست
Хдиўсту таклифи молоитоқ
خدیوست و تکلیفِ مالایطاق
Чаҳ дармони чунин аўФтоди иттифоқ
چه درمان چنین اوفتاد اتّفاق
Ба алфози ширин забон баргушод
به الفاظ شیرین زبان برگشاد
Май талхи бустон ки аз рӯй дод
می تلخ بستان که از روی داد
Тўро месазад май парастӣу бас
تو را می سزد می پرستی و بس
Броӣин ту менахурдаст кас
برآئین تو می نخوردست کس
Чу мамзуҷ шуд бо мизоҷи ту май
چو ممزوج شد با مزاجِ تو می
Тҳошӣ макун то туоне зи вай
تحاشی مکن تا توانی ز وی
Чу май медиҳад хотиратро фараҳ
چو می میدهد خاطرت را فرح
Дигар дасти холии мадор аз қадаҳ
دگر دست خالی مدار از قدح
Чу чанде баромади азин назри боз
چو چندی برآمد ازین نذر باز
Ҳилолам дигар бора шуд бадари боз
هلالم دگر باره شد بدر باز
Зарурати алии алҷмлаҳи хайёми вор
ضرورت علی الجمله خیّاموار
Гирифтам ба каф бар , май хушгувор
گرفتم به کف بر، میِ خوشگوار
Задам хаймаи паҳлавии харгоҳи дӯст
زدم خیمه پهلوی خرگاه دوست
Чаҳ гӯям ки мавло ва махдумам ӯст
چه گویم که مولی و مخدومم اوست
Ҷаҳони карами маҷди дайни хоҷаи маҷд
جهانِ کرم مجدِ دین خواجه مجد
Ки бар рой ӯ кард хуршеди ваҷд
که بر رایِ او کرد خورشید وجد
Карими хуросони Муҳамад ки ҷӯад
کریم خراسان محمّد که جود
Ба аҷзи аўФтди пеш ӯ дар суҷуд
به عجز اوفتد پیش او در سجود
Ҳамиди ҷаҳони ибни Аҳмад ки ақл
حمید جهان ابن احمد که عقل
зи хуршед райш кунад файзи нақл
ز خورشید رایش کند فیض نقل
Чунон дасти ҷӯаду карам пеш кард
چنان دست جود و کرم پیش کرد
Ки неши хиҷолати дилам риш кард
که نیش خِجالت دلم ریش کرد
Чаҳ гӯям зи покизаи ахлоқ ӯ
چه گویم ز پاکیزه اخلاق او
зи ифроти алтофу ашФоқ ӯ
ز افراط الطاف و اِشفاقِ او
Замонии змн бехабар кӣ бадӣ
زمانی ز من بیخبر کی بُدی
Ки на бар каф ва дар серум май бадӣ
که نه بر کف و در سرم می بُدی
зи садри вазорат чу бархестӣ
ز صدر وزارت چو برخاستی
Чу фирдавс базмӣ биёростӣ
چو فردوس بزمی بیاراستی
Самоъу шароби мрўқи равон
سماع و شرابِ مروّق روان
Мудомами хушу тозаи рӯҳу равон
مدامم خوش و تازه روح و روان
Агар Фкртм дар рабӯдии дамӣ
اگر فکرتم در ربودی دمی
Фитодӣ дар абрӯии айшами хамӣ
فتادی در ابرویِ عیشم خمی
Забон баргушодӣ ба ширини сухан
زبان برگشادی به شیرین سخن
Ки аз мо малолати худоро макун
که از ما ملالت خدا را مَکُن
Диламро сабки бози дарёфтӣ
دلم را سبک باز دریافتی
Чу хотир ба ҷой дигар тофтӣ
چو خاطر به جایِ دگر تافتی
Ҳузури ҳарифони бас хуш нишин
حضورِ حریفان بس خوشنشین
Ба тахсӣси сдрохси Фхрдин
به تخصیص صدراخص فخرِدین
Миёни бастаи доим ба сидқу сафо
میان بسته دایم به صدق و صفا
Мусаффо чу ихвон ба шарти вафо
مصفّا چو اخوان به شرط وفا
Дили афрӯз дар маҷлиси дили навоз
دل افروز در مجلسِ دل نواز
Ба сари бардаи айём дар ъзу ноз
به سر برده ایّام در عزّ و ناز
Маъаи алқсаҳ дар базми соҳиби мудом
مع القصّه در بزمِ صاحب مدام
Шабу рӯзи хуш буд май бар давом
شب و روز خوش بود می بر دوام
Басӣ низ будӣ ки домани кашон
بسی نیز بودی که دامن کشان
Ба сари вақт ман омадандӣ хуашон
به سر وقتِ من آمدندی خوشان
Чу тртибкии доштам дар шароб
چو تَرتیبکی داشتم در شراب
Злоиъқлӣ кардамӣ иҷтиноб
ز لایعقلی کردمی اجتناب
Писандидаи базм соҳиб шудам
پسندیدهٔ بزم صاحب شدم
Муқарраб ба садр мротт шудам
مقرّب به صدرِ مراتب شدم
зи перӣ ки норади малолати ҷавон
ز پیری که نارد ملالت جوان
Қиёсаши зи одоб кардан тавон
قیاسش ز آداب کردن توان
Чаҳ гӯям дигар ҳар чаҳ гӯям мнист
چه گویم دگر هر چه گویم منیست
Манӣ чист эй ёри аҳрӣмании сет
منی چیست ای یار اهریمنیست