Ба ҷафо даст бароварду камари баст ба кин
به جفا دست برآورد و کمر بست به کین
Чаҳ кунам дасти вафо бар натавон басти чунин
چه کنم دستِ وفا بر نتوان بست چنین
Ёри бдхўу маломати зи пасу душмани пеш
یار بدخو و ملامت ز پس و دشمن پیش
ҒФроллаҳ ки дорад сару корӣ ба азин
غفرالله که دارد سر و کاری به ازین
Сарви қадӣ ки равон тоза кунад чун тўбо
سرو قدّی که روان تازه کند چون طوبا
Моҳи рӯе ки бад ва фахр кунад ҳўролъин
ماهرویی که بد و فخر کند حورالعین
Чун буд моҳи чунон хосса буд оҳӯи чашм
چون بود ماهِ چنان خاصه بود آهو چشم
Чун буд сарви равони хосса буд кӯҳи сарин
چون بود سروِ روان خاصه بود کوه سرین
Зуҳраи табъӣ ки агар гардиши рақс ш бинад
زهره طبعی که اگر گردش رقصش بیند
Даф биндозад ва бар хок наад Зуҳраи ҷабин
دف بیندازد و بر خاک نهد زهره جبین
Зуҳрагар бар варақ сафҳа рӯем бинад
زهره گر بر ورقِ صفحۀ رویم بیند
Ашки ман ақди банно гӯш кунад чун парвин
اشکِ من عِقد بنا گوش کند چون پروین
Дили мискин маро бинад ва раҳмат накунад
دلِ مسکینِ مرا بیند و رحمت نکند
Санг бошад ки тараҳҳум накунад бар мискин
سنگ باشد که ترحم نکند بر مسکین
Шаби равон бар сари кӯяши ҳамаи шаб дар гули пой
شبروان بر سرِ کویش همه شب در گل پای
Бас ки хуноби серуми хок дараш карда аҷин
بس که خونابِ سرم خاکِ درش کرده عجین
Нолаи зор нзорӣ нарасида сети бадв
نالۀ زارِ نزاری نرسیدهست بدو
Ки ба санг ар бирасад мум шавад зери нигин
که به سنگ ار برسد موم شود زیرِ نگین
Суханам гар нарасида сети бадви бас аҷаб аст
سخنم گر نرسیدهست بدو بس عجب است
Чун буд он ки ба гӯшаш нарасад дар смин
چون بود آن که به گوشش نرسد دُرِّ ثمین
Гар Сикандари ҳамаи офоқ ба шамшер гирифт
گر سکندر همه آفاق به شمشیر گرفت
Зӯру зар будашу молу сипаҳу рои рузин
زور و زر بودش و مال و سپه و رای رزین
Нест чандон аҷабаст ин зи нзории фақир
نیست چندان عجب است این ز نزاریِ فقیر
Ки мусаллам ба сухан кард ҳама рӯй замин
که مسلّم به سخن کرد همه رویِ زمین