Мастам аз ақдоҳи молои моли ту
مستم از اقداحِ مالامالِ تو
Вази шароби кашфи ваҷду ҳоли ту
وز شرابِ کشفِ وجد و حالِ تو
Нест моро нисбатӣ бо ақлу нафас
نیست ما را نسبتی با عقل و نفس
Зон ки ҳар мурғӣ надорад боли ту
زآن که هر مرغی ندارد بالِ تو
Гарчи ақлу нафаси мо дар айни ишқ
گرچه عقل و نفسِ ما در عینِ عشق
Ҳам саломонаст ва ҳам абсоли ту
هم سلامان است و هم ابسالِ تو
Ақлу нафасу ҷисму ҷон омода анд
عقل و نفس و جسم و جان آمادهاند
Мунтазир бар азми истиқболи ту
منتظر بر عزمِ استقبالِ تو
То бар уфтад куфру дайн ва мо ва ман
تا بر افتد کفر و دین و ما و من
Орзӯмандам ба истисоли ту
آرزومندم به استیصالِ تو
Бар ту ҳаргиз ман намехоҳам бадал
بر تو هرگز من نمیخواهم بدل
Ҳам ту бошӣ ҳам туе абдоли ту
هم تو باشی هم تویی اَبدالِ تو
Чун маниро худ ба бозори қабул
چون منی را خود به بازارِ قبول
Бар наёрад қӣматии даллоли ту
بر نیارد قیمتی دلّالِ تو
Осмонгар бар замин уфтад чаҳ бок
آسمان گر بر زمین افتد چه باک
Чун буд собити қадами ҳмоли ту
چون بود ثابتقدم حمّالِ تو
Дар ҷавори ишқи садӣ муҳкам аст
در جوارِ عشق، سدّی محکم است
Гӯи ҷаҳон бар ҳам занад зилзоли ту
گو جهان بر هم زند زلزالِ تو
Бигузаронам водии ваҳму хаёл
بگذرانم وادیِ وهم و خیال
Гар бурун оем ба истидлоли ту
گر برون آیم به استدلالِ تو
Бо нзорӣ гуфтам эй шӯридаи сар
با نزاری گفتم ای شوریدهسر
Бо ки гӯям фаслӣ аз аҳволи ту
با که گویم فصلی از احوالِ تو؟
Гуфт эй ақл аз маломат то ба кӣ
گفت ای عقل از ملامت تا به کی؟
Чанд аз ин бе ҳудаи қилу қоли ту
چند از این بیهوده قیل و قالِ تو؟