Боди сабо бар гирифт буии арақи чини ту

بادِ صبا بر گرفت بویِ عرق چینِ تو

Нофаи машки ттори ниФаҳи парчини ту

نافۀ مشکِ تتار نیفۀ پرچینِ تو

Кош ки ман бод май то чу сабо ҳар саҳар

کاش که من باد می تا چو صبا هر سحر

Роҳи гузари ёбмӣ бар сари болини ту

راه گذر یابمی بر سرِ بالین تو

Боди сабои нарми нарми гуҳи гуҳ аз он май вазад

بادِ صبا نرم‌نرم گه‌گه از آن می‌وزد

То нанишинад ғубор бар гули насрини ту

تا ننشیند غبار بر گلِ نسرین تو

Ғайрати сарву самани қомату симои ту

غیرتِ سرو و سمن قامت و سیمای تو

Рашки хтоу хутани нофаи мишкӣни ту

رشکِ ختا و ختن نافۀ مشکینِ تو

Сафҳа рӯем шавад аз Қатароти мижа

صفحه رویم شود از قطراتِ مژه

Рости мурассаъ чунонк хӯшаи парвини ту

راست مرّصع چنانک خوشۀ پروینِ تو

Офат ақласту ҳуши ғамзаи хӯни рези ту

آفتِ عقل است و هوش غمزۀ خون ریزِ تو

Роҳат ҷонасту дили лаъл дар огӣни ту

راحت جان است و دل لعلِ دُر آگین تو

Бас ки нависанд бози таҷрибаро ошиқон

بس که نویسند باز تجربه را عاشقان

Аз варақи рӯзгори меҳри ману кини ту

از ورقِ روزگار مهرِ من و کینِ تو

Оқибат аз шӯри ман ҳеҷ нашуд ҳосилӣ

عاقبت از شورِ من هیچ نشد حاصلی

Нест насибами магар аз лаби ширини ту

نیست نصیبم مگر از لبِ شیرینِ تو

Хӯни нзории марез то ба кӣ охири ситез

خونِ نزاری مریز تا به کی آخر ستیز

Гарчи инсоф ва дод нест дар ойини ту

گرچه انصاف و داد نیست در آیینِ تو