Дареғи он ҳамаи умеди ман ба ёрии ту
دریغ آن همه امّیدِ من به یاریِ تو
Дареғи он ҳамаи ихлосу дўстории ту
دریغ آن همه اخلاص و دوستاری تو
Куҷо шуд он ҳамаи пайванду меҳрбонӣ ҳо
کجا شد آن همه پیوند و مهربانیها
Куҷо шуд он ҳамаи савганду ҷони сипории ту
کجا شد آن همه سوگند و جانسپاری تو
Ҳамон Не ки шубон дар фироқи ман то рӯз
همان نیی که شبان در فراقِ من تا روز
Ба осмони брсидии хурӯшу зории ту
به آسمان برسیدی خروش و زاری تو
Ҳамон Не ки ҷаҳонӣ ба рашк мо буданд
همان نیی که جهانی به رشک ما بودند
Ҳам аз муҳаббати ман ҳам зи дӯсти дории ту
هم از محبّت من هم ز دوستداریِ تو
Ғариб нест ҷунун аз дили фузулии ман
غریب نیست جنون از دلِ فضولیِ من
Шигифт нест фиреб аз забони ҷории ту
شگفت نیست فریب از زبانِ جاری تو
Азиз будам чун нури дида дар ҳамаи чашм
عزیز بودم چون نورِ دیده در همه چشم
Чу хок раҳ шудам акнӯн ба саъии хории ту
چو خاکِ ره شدم اکنون به سعیِ خواریِ تو
Ҷазои хизмати ман буду шарти аҳду вафо
جزایِ خدمتِ من بود و شرطِ عهد و وفا
Худои ту бдҳодми зи ҳақи гузории ту
خدایِ تو بدهادم ز حقگزاری تو
Марои з рӯй ту бории басии хиҷолат ҳост
مرا ز رویِ تو باری بسی خجالتهاست
На аз гуноҳи худ аммо зи шарми сории ту
نه از گناهِ خود امّا ز شرمساریِ تو
Раво буд ки бурун оварам дил аз сина
روا بود که برون آورم دل از سینه
Ба пеш саг фиканам аз ситезаи кории ту
به پیش سگ فکنم از ستیزهکاری تو
Вагар ҳадис кунам худ дилат ба дард ояд
وگر حدیث کنم خود دلت به درد آید
Ки дар чаҳ ғусса ҷигар мехӯрд нзории ту
که در چه غصّه جگر میخورد نزاریِ تو