Ҳар киро меҳри ту дар дил набӯд беҷон ба
هر که را مهرِ تو در دل نبود بی جان به
Ваон ки ҷузи ишқи туаш кеш буд қурбон ба
وان که جز عشقِ تو اش کیش بود قربان به
Дили ман дар сари майдони муҳаббат чун гӯй
دلِ من در سرِ میدانِ محبّت چون گوی
Дар хами зулф чу чавгони ту саргардон ба
در خمِ زلف چو چوگانِ تو سرگردان به
Қуфли ёқӯт ки бар дарҷ дар андохта Эй
قفلِ یاقوت که بر درجِ دُر انداخته ای
Сахт хубаст вале пистау гули хандон ба
سخت خوب است ولی پسته و گل خندان به
Ман ба марҷон накунам нисбати лаъли ту ки ҳаст
من به مرجان نکنم نسبتِ لعل تو که هست
Бӯсае зон лаби лаъли ту зи сад марҷон ба
بوسه ای زان لبِ لعلِ تو ز صد مرجان به
Агарам теғи зании сари нуҳуми андари қидмат
اگرم تیغ زنی سر نهم اندر قدمت
Сари чокар чу равад дар қадами султон ба
سرِ چاکر چو رود در قدمِ سلطان به
Рӯй бинмоӣ ки абрӯии ту миҳроб ман аст
روی بنمای که ابرویِ تو محرابِ من است
Бошудам куфри сари зулфи ту аз имон ба
باشدم کفرِ سرِ زلفِ تو از ایمان به
Гарчи дарди ту нзорӣ напазирад дармон
گرچه دردِ تو نزاری نپذیرد درمان
Ишқи дардии сет ки онро накунӣ дармон ба
عشق دردی ست که آن را نکنی درمان به