Зулфи ту чун чашми масти тоби гирифта

زلف تو چون چشم مست تاب گرفته

Оташи рухсора ӣ ту оби гирифта

آتش رخساره ی تو آب گرفته

Шаби ҳамаи шаби чашм ман бимонада дар анҷум

شب همه شب چشم من بمانده در انجم

Чашми туро то ба рӯзи хоби гирифта

چشم تو را تا به روز خواب گرفته

Чини арақи чини ту чу ниФаҳ ӣ нофа

چین عرق¬چین تو چو نیفه ی نافه

Хосияти буии машки ноби гирифта

خاصیت بوی مشک ناب گرفته

Турра ӣ зулфи ту гирди моҳи ҷамолат

طره ی زلف تو گرد ماه جمالت

Ҳам чу занби пеши офтоби гирифта

هم چو ذنب پیش آفتاب گرفته

Молики ҳасани ту дар мамолики хӯбӣ

مالک حسن تو در ممالک خوبی

Малик ба сари панҷа ӣ хизоби гирифта

ملک به سر پنجه ی خضاب گرفته

Мӯнис ман кист дар мақоми муҳаббат

مونس من کیست در مقام محبت

Он ки хирад зу хатои савоби гирифта

آن که خرد زو خطا صواب گرفته

Оташ ва обаст ммтзҷ ки ба ҳикмат

آتش و آب است ممتزج که به حکمت

Сӯрат ӯ сФўти шароби гирифта

صورت او صفوت شراب گرفته

Куняту номаш чу ҷам карда хирадманд

کنیت و نامش چو جم کرده خردمند

Пас май аз он ҷумлаи интихоби гирифта

پس می از آن جمله انتخاب گرفته

эй дили шӯрида ӣ нзории мискин

ای دل شوریده ی نزاری مسکین

Бас ки ба хӯни худати шитоби гирифта

بس که به خون خودت شتاب گرفته

Лоф мазан бас ки мурғи айшу нишотам

لاف مزن بس که مرغ عیش و نشاطم

Тарки ҳавои дили хароби гирифта

ترک هوای دل خراب گرفته

Ман нарӯм бар паии таваҳҳум чу ту худ байн

من نروم بر پی توهم چو تو خود بین

Ақли азин вартаи иҷтиноби гирифта

عقل ازین ورطه اجتناب گرفته

Хок бар он сар ки нест муътақид ӯ

خاک بر آن سر که نیست معتقد او

Пас рӯй оли Бутуроби гирифта

پس روی آل بوتراب گرفته