Нигоҳ мекунам аз ҳар чаҳ офариди худоӣ
نگاه میکنم از هر چه آفرید خدای
Марои се чиз хуш омад дарин биҳишти сарой
مرا سه چیز خوش آمد درین بهشت سرای
Яке самоъу дувуми бодау сими шоҳид
یکی سماع و دوم باده و سیم شاهد
Ки ихтиёри ҳамин ҳар се кард олии рой
که اختیار همین هر سه کرد عالی رای
На ҳам чу замзама ӣ мутрибаст шавқи ангез
نه هم چو زمزمهی مطرب است شوقانگیز
Агарчӣ саҳар кунад андалеби Зуҳраи сарой
اگرچه سحر کند عندلیبِ زهرهسرای
На ҳам чу оби рузон мӯнисасту ғами пардоз
نه همچو آبِ رزان مونس است و غمپرداز
Агарчӣ оби равон низ ҳаст ҷони афзой
اگرچه آب روان نیز هست جانافزای
На чун зумуррад сабзаст бар изор чу сим
نه چون زمرّد سبزست بر عذارِ چو سیم
Агарчӣ сабза буд дили фиребу табъи гушой
اگرچه سبزه بود دلفریب و طبع گشای
Чу зулф ёр набошад баҳор , анбари буи
چو زلفِ یار نباشد بهار، عنبر بوی
Чу рӯй дӯст набошад фалаки ҷаҳони орой
چو رویِ دوست نباشد فلک جهانآرای
Киро тафарруҷ боғасту бӯстони рағбат
که را تفرّج باغ است و بوستان رغبت
Ки ман з дӯст надорам ба хештани пурвой
که من ز دوست ندارم به خویشتن پروای
Бирав чу ноӣ мпимои бод бар сари хок
برو چو نای مپیمای باد بر سر خاک
Ба пои чанг ба паймонаи бода май паймоӣ
به پای چنگ به پیمانه باده میپیمای
Чаро чу оби براردи з рӯй оинаи занг
چرا چو آب برآرد ز روی آینه زنگ
зи синаи оби ънби сайқалии сет занг задой
ز سینه آب عنب صیقلیست زنگزدای
Ҷаҳон бихӯрад нзорӣ ба ним косаи суфол
جهان بخورد نزاری به نیم کاسه سفال
Ба ҷоми хеши биёи гӯи ҷам ва ҷаҳон бинмоӣ
به جام خویش بیا گو جم و جهان بنمای