Аз дилами ҳеҷ хабар нест надонам ки куҷост
از دلم هیچ خبر نیست ندانم که کجاست
Ҳар куҷо ҳаст чаҳ ояд зи чунон дил ки марост
هر کجا هست چه آید ز چنان دل که مراست
Дар хами зулфи бутӣ монда бошад маҳбӯс
در خمِ زلفِ بتی مانده باشد محبوس
Ҳам магари боди сабо зу хабарии оради рост
هم مگر بادِ صبا زو خبری آرد راست
Эътимодӣ набӯд бар дил ҳар ҷое ман
اعتمادی نبود بر دلِ هر جاییِ من
Рост гӯям ки дили ғофили но по барҷост
راست گویم که دل غافلِ نا پا برجاست
Гар ба инсоф равад доварии дидау дил
گر به انصاف رود داوریِ دیده و دل
Гунаҳи дидҳء шӯхаст ки дил қайд балост
گنه دیدهء شوخ است که دل قیدِ بلاست
Ин дигар ҳаст ки мшотҳءи фитрати зи азал
این دگر هست که مشّاطهء فطرت ز ازل
Нақш ҳар ҷинс ба тақдир чунон кард ки хост
نقشِ هر جنس به تقدیر چنان کرد که خواست
Гар нмихўост ки маҷнӯн шавад ошФтҳءи ишқ
گر نمیخواست که مجنون شود آشفتهء عشق
Рӯй Лайлии зи паии фитна чаро меорост
رویِ لیلی ز پی فتنه چرا میآراست
Ман худ аз дасти рақибони шдҳоми девона
من خود از دستِ رقیبان شدهام دیوانه
Оқилии кӯ ки на аз ишқи сараш пар савдост
عاقلی کو که نه از عشق سرش پر سوداست
Ҳар куҷо бар сар кӯе бинишастам ъмдо
هر کجا بر سرِ کویی بنشستم عمدا
Растхез омаду тӯфон маломат бархест
رستخیز آمد و طوفانِ ملامت برخاست
Зоре дораду фарёди рисии митлбд
زاریی دارد و فریاد رسی میطلبد
Бар нзорӣ чаҳ маломат ки рақибаш ба қафост
بر نزاری چه ملامت که رقیبش به قفاست