эй агар буии барӣ аз нафаси хуррам май

ای اگر بوی بری از نفسِ خرّمِ می

Мӯъҷизи исои Марям ба ту бинмоед вай

معجزِ عیسیِ مریم به تو بنماید وَی

То ба ҷонат нарасад завқ наёбӣ ваа ваа

تا به جانت نرسد ذوق نیابی وه وه

То тҷръ накунӣ қадар ндонӣ ҳаии ҳай

تا تجرّع نکنی قدر ندانی هَی هَی

Муътақид бош ба мисатон барандохта дайн

معتقد باش به مستانِ برانداخته دین

Бишинав ин хӯрдау тӯмор бузургӣ кун тай

بشنو این خورده و طومارِ بزرگی کن طَی

Мӯҳтасиб гуфт биёи бршкн аз хамру хумор

محتسب گفت بیا برشکن از خمر و خمار

Баъди азин тавба кун аз мутрибу чангу дафу не

بعد ازین توبه کن از مطرب و چنگ و دف و نی

Гуфтам оре нахӯрам беш мева хӯрдаму ақл

گفتم آری نخورم بیش می و خوردم و عقل

Муътаризи гашту з тшўир нишастам дар хуй

معترض گشت و ز تشویر نشستم در خَوی

Боз бо ақли дарафтодам ва гуфтам бе ҷон

باز با عقل درافتادم و گفتم بی جان

Одамии зинда маҳоласт куҷои кӯ ки ва кӣ

آدمی زنده محال است کجا کو که و کی

Ҷони ман зинда ба ҷомии сет ки бошад пурҷон

جانِ من زنده به جامی ست که باشد پُرجان

Ҳрзи ман тоза ба вирдии сет ки бошад бо ҳӣ

حِرز من تازه به وردی ست که باشد با حی

Гарчи мисатон харобем чунон ме нахӯрем

گرچه مستان خرابیم چنان می نخوریم

Ки буд дарди сару ранҷи хумораш дар пай

که بود دردِ سر و رنجِ خمارش در پَی

Рост чун доира бар марказ хам ме гирдем

راست چون دایره بر مرکز خم می گردیم

Хнб қутбаст магари гӯйӣу махмури ҷаддӣ

خنب قطب است مگر گویی و مخمور جُدَی

То буд минтақау хату муҳӣту меҳвар

تا بود منطقه و خطّ و محیط و محور

Бар нигарадам чу нзории зи мадори хам май

بر نگردم چو نزاری ز مدارِ خُمِ مَی