Май барӣ аз ман мискини дил ва бар май шиканӣ
میبری از منِ مسکین دل و بر میشکنی
Баси ту худ ҳеҷ сухан нест ки дар хӯни манӣ
بس تو خود هیچ سخن نیست که در خونِ منی
Хештанро ба иродат ба ту додам гуфтам
خویشتن را به ارادت به تو دادم گفتم
Олами шефтагии хуштар ва бе хештанӣ
عالمِ شیفتگی خوشتر و بی خویشتنی
Аввалами лутфи ту бардошт бидон дили гармӣ
اولم لطفِ تو برداشت بدان دل گرمی
Ва охир аз чашм бияфканад бад-ӣни ммҳнӣ
و آخر از چشم بیفکند بدین ممَحنی
Чора Эй нест ки ширини ҳам азин ҷои андохт
چاره ای نیست که شیرین هم ازین جا انداخت
Шӯр дар хотири Фарҳоди зи ширини суханӣ
شور در خاطرِ فرهاد ز شیرین سخنی
Бе вафоеи ту эй ёри дуруст ӣнҷо шуд
بیوفایی تو ای یار درست اینجا شد
Ки ҳарисӣ ба ҷигари хўоргӣу дили шиканӣ
که حریصی به جگر خوارگی و دلشکنی
Кошкӣ санги дилати сахти ҳимоят будӣ
کاشکی سنگ دلت سخت حمایت بودی
Ваа ки чун сусти гуруҳе ва чаҳ нозуки баданӣ
وهکه چون سست گروهی و چه نازک بدنی
Кори ёрон ки ҳам аз даст ту шуд бе сомон
کارِ یاران که هم از دستِ تو شد بیسامان
Чун сари зулф на шартаст ки дар по фиканӣ
چون سرِ زلف نه شرط است که در پا فکنی
Бар гирифтем бар аз шохи маломат ва акнӯн
بر گرفتیم بر از شاخِ ملامت و اکنون
Рӯй онаст ки бунёд маломат накунӣ
روی آن است که بنیادِ ملامت نکنی
Аз ту ин чашм набӯдаш ки шӯй бе озарм
از تو این چشم نبودش که شوی بیآزرم
То ба ҳаддӣ ки дигар ёд нзорӣ накунӣ
تا به حدّی که دگر یادِ نزاری نکنی