Диламро дидаам рӯз ҷоеу аҷаб ҷое

دلم را دیده‌ام روز جایی و عجب جایی

Хушӣ бинишаста бар тоқи ду абрӯии дили ороӣ

خوشی بنشسته بر طاقِ دو ابروی دل‌آرایی

Мисоли қавси рангин бар канори таҳтаи симин

مثال قوس رنگین بر کنارِ تختهٔ سیمین

Ба хати сабз зангорӣ кашида турфаи тғроиӣ

به خطّ سبزِ زنگاری کشیده طُرفه طغرایی

Набошад дар нгорстони чини он тоқро ҷуфтӣ

نباشد در نگارستانِ چین آن طاق را جفتی

Набошад дар ҳама рӯй замини зони хубтар ҷое

نباشد در همه روی زمین زآن خوب‌تر جایی

Ба худ гуфтам чаҳ гӯям бо дил алҳақ ҷой он дорад

به خود گفتم چه گویم با دل الحق جای آن دارد

Азин хуштар киро бӯда сети млҷоиӣу мأўоиӣ

ازین خوش‌تر که را بوده‌ست ملجایی و مأوایی

Надорад ҳеҷ дил дода чунон осоиши ҷонӣ

ندارد هیچ دل‌داده چنان آسایشِ جانی

Набинад ҳеҷ машшотаи чунон ойӣнаи симое

نبیند هیچ مشاطه چنان آیینه سیمایی

Чаҳ хуш бошад канорӣ аз миёни лолаи рухи сорӣ

چه خوش باشد کناری از میان لاله رخ‌ساری

Чаҳ хуш бошад миёнӣ аз канори сарви болоӣ

چه خوش باشد میانی از کنارِ سرو بالایی

Диламро дар чунон ҷое бидида ситами зи баси ғайрат

دلم را در چنان جایی بدیده‌ستم ز بس غیرت

Чунинам дар димоғ афтод ошӯбӣу савдое

چنینم در دماغ افتاد آشوبی و سودایی

зи рашки дили дарафтодам ба ғабну ғуссау ҳасрат

ز رشکِ دل درافتادم به غبن و غصّه و حسرت

Кадомин дили ҳавас нокӣ , балое , хештан рое

کدامین دل هوس‌ناکی، بلایی، خویشتن‌رایی

Нзорӣ то ба кӣ зории манол аз дил наме доне

نزاری تا به کی زاری منال از دل نمی‌دانی

Ки бори ишқи бурдан мушкиласт аз нотавоноӣ

که بارِ عشق بردن مشکل است از ناتوانایی