Бирафтам аз ?бирт эй дидаро чу бенаӣ

برفتم از برت ای دیده را چو بینایی

Шудам ба гирди ҷаҳон ҳар дарӣ ва ҳар ҷое

شدم به گرد جهان هر دری و هر جایی

Малули гашти дилат зон сабаб сафар кардам

ملول گشت دلت زان سبب سفر کردم

Магари зи заҳмати ман ҳафтае бросоиӣ

مگر ز زحمتِ من هفته ای برآسایی

Чунон заъифи ббўдм ба зери бори фироқ

چنان ضعیف ببودم به زیر بار فراق

Ки нест қӯти оҳами зи нотавоноӣ

که نیست قوّت آهم ز ناتوانایی

Шудам ба меҳри ту ҳамчун ҳилол даст намой

شدم به مهرِ تو همچون هلال دست نمای

Чаро ба ман рух чун офтоб нанамое

چرا به من رخِ چون آفتاب ننمایی

Ба ақли дил ба сабурӣ тавон фирефт валек

به عقل دل به صبوری توان فریفت ولیک

Ки рости ақл ки ман шуҳраам ба шайдое

که راست عقل که من شهره ام به شیدایی

Дареғи фасли гул ва ман зи васли ту маҳрӯм

دریغ فصلِ گل و من ز وصلِ تو محروم

Ту дар шаробӣ ва ман дар азоби танҳоӣ

تو در شرابی و من در عذاب تنهایی

Гуҳӣ ки рағбат тараб кунӣ дар боғ

گهی که رغبت طرب کنی در باغ

Чу сарву гули сару пои чамани бёроиӣ

چو سرو و گل سر و پای چمن بیارایی

Назар чу бар гули зарди афкании зи чеҳра ӣ ман

نظر چو بر گل زرد افکنی ز چهره ی من

Қиёсгирӣ ва бар ҳоли ман бибахшое

قیاس گیری و بر حالِ من ببخشایی

Куҷост булбули мастат ки дар хурӯш ояд

کجاست بلبل مستت که در خروش آید

зи гули ситони рахт чун ниқоб бигушое

ز گل سِتانِ رخت چون نقاب بگشایی

Туро ки нӯшу хушати боди бода май паймоӣ

ترا که نوش و خوشت باد باده می پیمای

Ки ҷузи насиба ӣ ман нест боди паймое

که جز نصیبه ی من نیست باد پیمایی

Маро ба ҳарза маломат кунанд душману дӯст

مرا به هرزه ملامت کنند دشمن و دوست

Ки чанд шефтаи корӣу хештан рое

که چند شیفته کاری و خویشتن رایی

Дили нзорӣ бедил надорад он тоқат

دلِ نزاریِ بی دل ندارد آن طاقت

Ки дар фироқ кунад беш аз ин шикебе

که در فراق کند بیش از این شکیبایی