намебиёред ки май доруӣ дард ҳукамост

می بیارید که می داروی درد حکماست

Мкшидш ки наёяд мдҳидш ки нахост

مکشیدش که نیاید مدهیدش که نخواست

Май ба таклиф набояд ба касе дод ба зӯр

می به تکلیف نباید به کسی داد به زور

Ҷуз ба махмур ва ба ин қоида таклиф равост

جز به مخمور و به این قاعده تکلیف رواست

Май ба наздики бҳоӣм чаҳ баҳои арзади ҳеҷ

می به نزدیک بهائم چه بها ارزد هیچ

Бирав аз зинда дилон пресс ки ҷонро чаҳ баҳост

برو از زنده دلان پرس که جان را چه بهاست

Доим аз моҳи қадаҳ дар арақи тшўирст

دائم از ماهِ قدح در عرقِ تشویرست

Чашма ӣ нири хуршед ки дар айни зёст

چشمه ی نیّر خورشید که در عین ضیاست

Роҳ бар талъати маҳбӯб буд роҳати рӯҳ

راح بر طلعت محبوب بود راحت روح

Мӯнис ва ҳам дами он низ ки аз дӯст ҷудост

مونس و هم دم آن نیز که از دوست جداست

Сайқал занг задойаст зи мроти вуҷӯд

صیقل زنگ زدای است ز مرآت وجود

Рӯҳи бахше ки насимаши ҳасад бод сабост

روح بخشی که نسیمش حسدِ بادِ صباست

Хешро боз намудем муайян ки чаҳ ем

خویش را باز نمودیم معیّن که چه ایم

Муддаӣ аз паии мо айби кунони баҳр чаҳ рост

مدعی از پی ما عیب کنان بهر چه راست

Сар томот надорем чу тақлиди параст

سر طامات نداریم چو تقلید پرست

Мазҳаби муддаӣони зарқ ва нифоқасту раёсат

مذهب مدعیان زرق و نفاق است و ریاست

Ҳаркасиро равишӣ бошаду рӯеу раҳе

هرکسی را روشی باشد و رویی و رهی

Роҳ ва рӯйу равиши мо ба дар аҳл сафост

راه و روی و روش ما به درِ اهلِ صفاست

Ҷавҳарии софтар аз менабӯд эй сӯфӣ

جوهری صاف تر از می نبود ای صوفی

Аз нзорӣ бишинав то ба ту баргӯед рост

از نزاری بشنو تا به تو برگوید راست