Дареғ нест вуҷӯдам ки дар азоб ?илем аст
دریغ نیست وجودم که در عذاب الیم است
Дареғи суҳбати ёрону дӯстон қадим аст
دریغ صحبت یاران و دوستان قدیم است
Басӣ мФорқт уфтад миёни аҳли маваддат
بسی مفارقت افتد میان اهل مودت
Вале шамотати аъдои з ҳар канор азим аст
ولی شماتت اعدا ز هر کنار عظیم است
Чу дар ҳузур буд хотир аз фироқ натарсам
چو در حضور بود خاطر از فراق نترسم
Қтили теғи балоро зи тири марг чаҳ бим аст
قتیل تیغ بلا را ز تیر مرگ چه بیم است
Гарми ду дида бидӯзанд рӯй дӯсти бубинам
گرم دو دیده بدوزند روی دوست ببینم
Ки андаруни мусаффо чу даст пок кулем аст
که اندرون مصفا چو دست پاک کلیم است
Ҳиҷоби ақл маҳоласт ишқро ки бипушад
حجاب عقل محال است عشق را که بپوشد
Чунон ки нофа дар ҷайбу табли зер гилӣм аст
چنان که نافة در جیب و طبل زیر گلیم است
Магари сафои зи гиребони Юсуфам ба дар ояд
مگر صفا ز گریبان یوسفم به در آید
Ки буи перҳанаст он ки май дамад на насим аст
که بوی پیرهن است آن که می دمد نه نسیم است
Ба бӯстони ҳамаи каси моили тафарруҷ ва бар мо
به بوستان همه کس مایل تفرج و بر ما
На бӯстон ки ҷаҳон бе вуҷӯди дӯст ҷҳим аст
نه بوستان که جهان بی وجود دوست جحیم است
Мазиди давлати он мқблӣ ки бахти мутӣъаш
مزید دولت آن مقبلی که بخت مطیعش
Бар остонаи соҳиби дилӣ чу хок муқӣм аст
بر آستانه صاحب دلی چو خاک مقیم است
Рақибро ки чунин манъ мемекунад зи ҳабибам
رقیب را که چنین منع می میکند ز حبیبم
Дигар рақиби нмихўонмш ки дев раҷим аст
دگر رقیب نمیخوانمش که دیو رجیم است
Чаро сабур набошам мшнъи мтҳтк
چرا صبور نباشم مشنّعِ متهتّک
Маҳал роз надонад ки марди ишқ ҳалим аст
محل راز نداند که مرد عشق حلیم است
зи санги хӯни бчкдгар ба дӯсти бози намоям
ز سنگ خون بچکد گر به دوست باز نمایم
Ки дар фироқ чу хӯн мехӯрам худоӣ алӣам аст
که در فراق چو خون میخورم خدای علیم است
зи дӯстон ба маломат на мумкинаст малолат
ز دوستان به ملامت نه ممکن است ملالت
Давои дарди нзории хилофи рой ҳаким аст
دوای درد نزاری خلاف رای حکیم است