Дилӣ ки ошиқ рӯй нигор дилбандаст

دلی که عاشق روی نگار دلبندست

На мумкинаст ки бо собиряш пайвандаст

نه ممکن است که با صابریش پیوندست

Касе ки ӯ ба сифат собираст ошиқ нест

کسی که او به صفت صابرست عاشق نیست

Ба ишқу сабр назар кун ки чанд дар чандаст

به عشق و صبر نظر کن که چند در چندست

Кадоми ошиқ содиқ шунидае ки зи ҳиҷр

کدام عاشق صادق شنیده ای که ز هجر

зи оҷизии сипари собирии ниФкндаҳи сет

ز عاجزی سپرِ صابری نیفکنده ست

Чаҳорсуии ниҳодами зи рахти сабри тиҳии сет

چهارسوی نهادم ز رخت صبر تهی ست

Ки шаш ҷаҳоти вуҷӯдам ба ишқ дар бандаст

که شش جهات وجودم به عشق در بندست

зи панд ҳеҷ наёяд , насиҳатам макунед

ز پند هیچ نیاید، نصیحتم مکنید

Ки марди ошиқи девонаи фориғ аз пандаст

که مرد عاشق دیوانه فارغ از پندست

Каминаи банда ӣ ӯем агар қабул кунад

کمینه بنده ی اویم اگر قبول کند

Ба ҳарчӣ хоҳад ва фармон диҳад худовандаст

به هرچه خواهد و فرمان دهد خداوندست

Ҳазор тавбаи шикастам ҳануз мардум ро

هزار توبه شکستم هنوز مردم را

Тамаъ буд ки маро илтифот савгандаст

طمع بود که مرا التفاتِ سوگندست

Ба меҳр зан накунам домани дили олӯда

به مهر زن نکنم دامن دل آلوده

Ки пайбандии вомондагон з фарзандаст

که پایبندیِ واماندگان ز فرزندست

Нзорёи раҳи девонагони ишқи сипар

نزاریا ره دیوانگان عشق سپر

Тариқи зуҳди раҳи мардум хирадманд аст

طریق زهد ره مردم خردمند است