Маро ки бо раги ҷони шох меҳр пайвандаст
مرا که با رگ جان شاخ مهر پیوندست
Гумон мабар ки дилами дили з дӯст баркандаст
گمان مبر که دلم دل ز دوست برکندست
Танам ба як нафас аз васли ёри хўшнўдст
تنم به یک نفس از وصل یار خوشنودست
Дилам ба як назар аз рӯй дӯст хурсандаст
دلم به یک نظر از روی دوست خرسندست
Ғариб набӯд агар чашми ҷон ба ҷонон аст
غریب نبود اگر چشم جان به جانان است
Аҷиб нест агар майли дил ба дилбандаст
عجیب نیست اگر میل دل به دلبندست
Фиғон кунанд насиҳати кунон , нмидоннд
فغان کنند نصیحت کنان، نمیدانند
Ки банди пои дили мустаманд ман пандаст
که بندِ پایِ دلِ مُستمندِ من پندست
зи фурқати ту ба ҷони омадами биё эй ҷон
ز فرقت تو به جان آمدم بیا ای جان
Ки ҷони ман ба ҷамолат бас орзӯмандаст
که جان من به جمالت بس آرزومندست
Ба хоки пои ту каз дидаи ғарқ дар хӯнам
به خاک پای تو کز دیده غرق در خونم
Ба хоки пой ту гуфтам , бибин чаҳ савгандаст !
به خاک پای تو گفتم، ببین چه سوگندست!
Хилофи аҳд нзорӣ макун ба саъии ҷафо
خلاف عهد نزاری مکن به سعی جفا
Ки дар вафоу сафо беназир ва монандаст
که در وفا و صفا بی نظیر و مانندست