Маро аз рӯй хубон ногузираст

مرا از روی خوبان ناگزیرست

Назар бар шоҳидон чашмам мунираст

نظر بر شاهدان چشمم منیرست

Бирав хотир ба ёрии даҳ ки доим

برو خاطر به یاری ده که دایم

Дили соҳиби назар ҷое асираст

دلِ صاحب نظر جایی اسیرست

Мурӣдии кӯи ҷавонӣ дар бар оварад

مریدی کو جوانی در بر آورد

Аҷабгар дигараш пурвой пераст

عجب گر دیگرش پروای پیرست

Нисори як қадам дар пои маҳбӯб

نثارِ یک قدم در پایِ محبوب

Агар сад ҷон барафшонӣ ҳақираст

اگر صد جان برافشانی حقیرست

Тугар бовар наме дорӣ ки бе дӯст

تو گر باور نمی داری که بی دوست

Бихоҳӣ марди моро дил пазираст

بخواهی مرد ما را دل پذیرست

Агар бедӯст хоҳад буд фирдавс

اگر بی دوست خواهد بود فردوس

Ҳавои боғи тўбои змҳрирст

هوایِ باغ طوبا زمهریرست

Ба ҷонони зиндаи боқии тавон буд

به جانان زندۀ باقی توان بود

Ки ҷонҳоро аз он ҷо ногузираст

که جان ها را از آن جا ناگزیرست

Ба сӯрати нақш ширин дошт Фарҳод

به صورت نقشِ شیرین داشت فرهاد

Балӣ бар санг ва моро дар замираст

بلی بر سنگ و ما را در ضمیرست

Нзории доя дар хобаст ва ту Тифл

نزاری دایه در خواب است و تو طفل

Бгриии хӯни ?герати ҳоҷат ба шераст

بگریی خون گرت حاجت به شیرست