Иқболи қосидӣ ки расад аз ҷаноби дӯст
اقبال قاصدی که رسد از جنابِ دوست
Фархундаи толеъӣ ки бабўсам хитоби дӯст
فرخنده طالعی که ببوسم خطابِ دوست
эй пайк агар ҳазор муҳим фӯт ме шавад
ای پیک اگر هزار مهم فوت میشود
Чандон Марв ки боз нивисам ҷавоби дӯст
چندان مرو که باز نویسم جوابِ دوست
Гар дӯстро ба хӯни муҳибон иродат аст
گر دوست را به خونِ محبّان ارادت است
Гардан наҳем ва сар накашем аз савоби дӯст
گردن نهیم و سر نکشیم از صوابِ دوست
Бо душманон ки ғошиҳءи ҷаҳл май кашанд
با دشمنان که غاشیهء جهل میکشند
Гӯи дасти моу давлати поу рикоби дӯст
گو دستِ ما و دولتِ پا و رکابِ دوست
эй соқии Масеҳи сифати баҳри ташнагон
ای ساقی مسیح صفت بهرِ تشنگان
Ҷомӣ фирист то бичишанд аз шароби дӯст
جامی فرست تا بچشند از شراب دوست
Дар сина ҳозирастгар аз дида ғоиб аст
در سینه حاضرست گر از دیده غایب است
Бар дӯстон ҳиҷоб набошад ниқоби дӯст
بر دوستان حجاب نباشد نقابِ دوست
Ҳавзи биҳишту соиҳءи тўбо чаҳ ме кунам
حوضِ بهشت و سایهء طوبا چه میکنم
Гар пуртӯй ба мо расад аз офтоби дӯст
گر پرتوی به ما رسد از آفتابِ دوست
Мақарӣ ба бом бар шӯ ва қомат бизан бигӯӣ
مقری به بام بر شو و قامت بزن بگوی
Каз қибла кард рӯй нзорӣ ба боби дӯст
کز قبله کرد روی نزاری به بابِ دوست