эй ки ҷонам ба фидои қади хуши манзари дӯст

ای که جانم به فدایِ قد خوش منظرِ دوست

Коши сад ҷон дигар доштамӣ дар хури дӯст

کاش صد جان دگر داشتمی در خور دوست

Рӯзҳо ми­гзрд то хабараш нишнидам

روزها می­گذرد تا خبرش نشنیدم

Чун кунам , бо ки бигӯям ки фиристам бар дӯст

چون کنم، با که بگویم که فرستم برِ دوست

Душмани арбои ман азин рӯй турш хоҳад дошт

دشمن اربا من ازین روی ترش خواهد داشت

Бас ки ман бӯса ширин хӯрам аз шукри дӯст

بس که من بوسه شیرین خورم از شکّرِ دوست

Гар ҳамаи халқи ҷаҳони душман ошиқ бошанд

گر همه خلقِ جهان دشمنِ عاشق باشند

Ҳеҷ ғам набӯд агар дӯст буд ёвари дӯст

هیچ غم نبود اگر دوست بود یاور دوست

Соқиои бода ба ёрон дигар даҳ на ба ман

ساقیا باده به یارانِ دگر ده نه به من

Ки маро бода набояд магар аз соғари дӯст

که مرا باده نباید مگر از ساغرِ دوست

Ёсуман машкану гули пеши мёўр ки маро

یاسمن مشکن و گل پیش میاور که مرا

Сар ҷон нест дарин боғ ба ҷону сари дӯст

سرِ جان نیست درین باغ به جان و سرِ دوست

Мтрбои чанги мсозид ва магӯӣед ғазал

مطربا چنگ مسازید و مگویید غزل

Ки сар Зуҳра надорам ба рухи азҳри дӯст

که سر زهره ندارم به رخِ ازهرِ دوست

Ҳаркиро ҳодсҳ­иӣ уфтад агар воқъҳ­иӣ

هرکه را حادثه­یی افتد اگر واقعه­یی

Марҷаъӣ дорад ва бе чораи нзорӣ дар дӯст

مرجعی دارد و بی چاره نزاری درِ دوست