Охири бад-ӣни сифат ки манам мубталои дӯст

آخر بدین صفت که منم مبتلایِ دوست

Мумкин буд зи ман ки наҷӯям ризои дӯст

ممکن بود ز من که نجویم رضای دوست

Бо ошиқони муҷоз буд ишқи ошиқӣ

با عاشقان مجاز بود عشقِ عاشقی

Кӯи тарк ҳар ду кун нагирад барои дӯст

کو ترکِ هر دو کون نگیرد برایِ دوست

Кардам ба ишқи зеру зибри хону мони дил

کردم به عشق زیر و زبر خان و مان دل

То ҳеҷ кас дигар нанишинад ба ҷои дӯст

تا هیچ کس دگر ننشیند به جایِ دوست

Таслими роҳ дӯст шавам чун ба назд ман

تسلیمِ راهِ دوست شوم چون به نزدِ من

Чизе наёфарид худои моварои дӯст

چیزی نیافرید خدا ماورایِ دوست

Ҷовиди зиндаи монам ва боқӣ шавам чу Хизр

جاوید زنده مانم و باقی شوم چو خضر

Гар саҷдае ба ман расад аз хоки пои дӯст

گر سجده ایی به من رسد از خاکِ پایِ دوست

Ҳар дами қиёматии з маломат бидида ам

هر دم قیامتی ز ملامت بدیده ام

Нодидаи як нафас ба иродати лақои дӯст

نادیده یک نفس به ارادت لقایِ دوست

То ҷон буд маро бикашам аз миёни ҷон

تا جان بود مرا بکشم از میان جان

Ҷангу ситези душману ҷавру ҷафои дӯст

جنگ و ستیزِ دشمن و جور و جفایِ دوست

Неи не ба айни сидқи нзории хатои мубин

نی نی به عینِ صدق نزاری خطا مبین

Холии шимури зи ҷавру ҷафои моҷарои дӯст

خالی شمر ز جور و جفا ماجرایِ دوست