Гумон мабар ки зи ёди ту ғофилам эй дӯст
گمان مبر که ز یادِ تو غافلم ای دوست
Ки нест ёд касе ҷузи ту дар дилам эй дӯст
که نیست یادِ کسی جز تو در دلم ای دوست
Ба ҷони ту ки агар бугсалади зи тани ҷонам
به جانِ تو که اگر بگسلد ز تن جانم
Ки ман зи меҳри ту пайванди нгслм эй дӯст
که من ز مهرِ تو پیوند نگسلم ای دوست
Касе дигар ба дилу дида дар наме ояд
کسی دگر به دل و دیده در نمی آید
Ки истодаи туе дар муқобилам эй дӯст
که ایستاده تویی در مقابلم ای دوست
Висоли доштами умед чун нигаҳ кардам
وصال داشتم امیّد چون نگه کردم
Хаёл буд зи васли ту ҳосилам эй дӯст
خیال بود ز وصلِ تو حاصلم ای دوست
Ба оби меҳр ту бӯда сети хоки ишқи магар
به آبِ مهرِ تو بوده ست خاکِ عشق مگر
Касе ки кард ба қудрати аҷин гулам эй дӯст
کسی که کرد به قدرت عجین گلم ای دوست
Муҳаббати ту вуҷӯдам фурӯ гирифт чунон
محبّتِ تو وجودم فرو گرفت چنان
Ки хӯн намонад дигар дар мафосилам эй дӯст
که خون نماند دگر در مفاصلم ای دوست
Ба ихтиёр нзорӣ набӯд азми сафар
به اختیار نزاری نبود عزمِ سفر
Қазои зи кӯии ту бардошти манзилам эй дӯст
قضا ز کویِ تو برداشت منزلم ای دوست