Азобӣ чу маҳҷӯрӣ аз дӯст нест

عذابی چو مهجوری از دوست نیست

Хаёл ар тасаввур кунӣ ӯст , нест

خیال ار تصور کنی اوست، نیست

Вагар ту бар онӣ ки аз рӯзгор

و گر تو بر آنی که از روزگار

Сару кори ман бе ту некӯаст , нест

سر و کار من بی تو نیکوست ، نیست

Чунон зор шуд аз нзории танам

چنان زار شد از نزاری تنم

Ки бар устихонам ба ҷуз пӯст нест

که بر استخوانم به جز پوست نیست

Макун ин тасаввур ки мискини дилам

مکن این تصور که مسکین دلم

Бар он тоқи ҷуфт ду абрӯаст , нест

بر آن طاق جفت دو ابروست، نیست

Марогар бароне ба ҷонати қисм

مرا گر برانی به جانت قسم

Ки ҳеҷам ба ҷое раҳ ва рӯаст , нест

که هیچم به جایی ره و روست ، نیست

Вагар бар хаёлат гузар мекунад

وگر بر خیالت گذر میکند

Ки хасмии бтар зон дўҷо дӯст нест

که خصمی بتر زان دوجا دوست نیست

Вагар низ гӯйӣ ки дарди маро

وگر نیز گویی که درد مرا

Ба ҷуз аз васл ту доруаст , нест

به جز از وصل تو داروست، نیست

Нзорӣ мапиндор ва сӯрат мабанд

نزاری مپندار و صورت مبند

Ки рӯзӣ ба неруӣ бозуат нест

که روزی به نیروی بازوت نیست