Бигӯед эй мусулмонон ки дармон чист корам ро
بگویید ای مسلمانان که درمان چیست کارم را
Ки чашм бад расед охири низоми рӯзгорам ро
که چشم بد رسید آخر نظام روزگارم را
Накардам шукри айёмӣ ки бо ором дил будам
نکردم شکر ایّامی که با آرام دل بودم
Дарин ғами аўФтодми рағми ҷони ғамгусорам ро
درین غم اوفتادم رغم جانِ غم گسارم را
На рӯй васли ҷононро на дармони дарди ҳиҷрон ро
نه روی وصل جانان را نه درمان درد هجران را
На муҳаррами рози пинҳонро на поёни интизорам ро
نه محرم راز پنهان را نه پایان انتظارم را
Халосигар чаҳ маҷнӯнами висолигар чаҳ маҳҷӯрам
خلاصی گر چه مجنونم وصالی گر چه مهجورم
Ҳануз ин чашм мебошад дили умедворам ро
هنوز این چشم می باشد دل امیدوارم را
Чаҳ ҳосил аз ман бе дили з беМеҳрӣ ва бе хешӣ
چه حاصل از منِ بی دل ز بی مهری و بی خویشی
Чу ишқ аз даст нагузорад зимоми ихтиёрам ро
چو عشق از دست نگذارد زمامِ اختیارم را
Намози шоми вомонм ба сурхӣ чун шафақ монад
نماز شام وامانم به سرخی چون شفق ماند
Ки то сар пар кунад чашмами зи хӯни дили канорам ро
که تا سر پر کند چشمم ز خون دل کنارم را
На хобам боз мегирад на рӯзам ёр ме бошад
نه خوابم باز می گیرد نه روزم یار می باشد
Дариғогар касе аз ман хабар кардинигорам ро
دریغا گر کسی از من خبر کردی نگارم را
Нзоригар ба сад зории бимирад дар ҳавои ту
نزاری گر به صد زاری بمیرد در هوای تو
Чаҳ давлат беш аз ин бошад саодати боди ёрам ро
چه دولت بیش از این باشد سعادت باد یارم را