Бирафт ва бар сари оташи нишонди ёри маро

برفت و بر سر آتش نشاند یار مرا

Ба пои ҳодисаи афканди рӯзгори маро

به پای حادثه افکند روزگار مرا

Гар ошкор кунад оби дидаи рози дилам

گر آشکار کند آب دیده راز دلم

Миёни оташи сӯзон чаҳ ихтиёри маро

میان آتش سوزان چه اختیار مرا

Чунон накард каманди балои ишқами сайд

چنان نکرد کمند بلای عشقم صید

Ки қайд ақл кунад баъд аз ин шикори маро

که قید عقل کند بعد از این شکار مرا

намефикан аз назари иззатами чунин эй дӯст

می فکن از نظر عزّتم چنین ای دوست

Ки дӯстони ҳамаи бгзоштнди хори маро

که دوستان همه بگذاشتند خوار مرا

Замонаро чаҳ ҳасад буд дар миёнаи зи ман

زمانه را چه حسد بود در میانه ز من

Ки канори ту афканд бар канори маро

که کنار تو افکند بر کنار مرا

Ман аз ту ҳеҷ дигар ҷуз ҳамин наме хоҳам

من از تو هیچ دگر جز همین نمی خواهم

Мабош бе ман ва бе хештани мадори маро

مباش بی من و بی خویشتن مدار مرا

Туе муроди ман аз коиноту мавҷӯдот

تویی مرادِ من از کاینات و موجودات

Ба ҳар чаҳ ғайр ту бошад чаҳ кори маро

به هر چه غیر تو باشد چه کار مرا

Муваккилони хаёлат наме ҳоланди дамӣ

موکّلان خیالت نمی هلند دمی

Ки бе вуҷӯди ту ҷое буд қарори маро

که بی وجود تو جایی بود قرار مرا

Дилии пари оташу чашмии пар об хоҳам рафт

دلی پر آتش و چشمی پر آب خواهم رفت

Шаҳидам ар бикашади дарди интизори маро

شهیدم ار بکشد دردِ انتظار مرا

Ба шафқати ту нзорӣ умедҳо дорад

به شفقت تو نزاری امیدها دارد

Равои мадори чунин нои умедвори маро

روا مدار چنین نا امیدوار مرا