Замонаи боз ҷавон кард пиразоли ҷаҳон ро
زمانه باز جوان کرد پیرزالِ جهان را
Биор май ки ҳаёт аз майаст пайрави ҷавон ро
بیار می که حیات از می است پیرو جوان را
Магари татаббуъ ман мекунад саҳоб ба Нитсаон
مگر تتبّعِ من می کند سحاب به نیسان
Ки вақфи тараф чаман кард чашм жола фишон ро
که وقفِ طرفِ چمن کرد چشم ژاله فشان را
Бибин бисоти бсотини зи гӯнаи гӯнаи раёҳин
ببین بساطِ بساتین ز گونه گونه ریاحین
Ба чашми таҷрибаи ӯъҷубаи замину замон ро
به چشم تجربه اعجوبهٔ زمین و زمان را
Ба чашм бар сар гул мекунад нисори лолӣ
به چشم بر سرِ گل می کند نثار لآلی
Сабоҳ аз он садафи ғунча боз кард даҳон ро
صباح از آن صدفِ غنچه باز کرد دهان را
Шикеб чанд кунад булбул ихтиёр надорад
شکیب چند کند بلبل اختیار ندارد
Агар з бехабарӣ фош кард рози ниҳон ро
اگر ز بی خبری فاش کرد رازِ نهان را
Ба боғбон ки расонади саломи ман ки иҷозат
به باغبان که رساند سلامِ من که اجازت
Наме диҳӣ ки тафарруҷ кунанд сарви равон ро
نمی دهی که تفرّج کنند سرو روان را
Дили заъифи ман аз ҳавли бонг раъд битарсад
دل ضعیف من از هول بانگ رعد بترسد
Биор ва бар сари ман каши сабки шароби гарон ро
بیار و بر سر من کش سبک شراب گران را
Ҳаким май кода аз баҳри эътибори атиббо
حکیم می کده از بهر اعتبار اطبّا
Ба ҷоми бода мудово кунад чунин хафақон ро
به جام باده مداوا کند چنین خفقان را
зи дасти ҳури вшӣ ҳолиё ба нақд хуш ояд
ز دست حور وشی حالیا به نقد خوش آید
Майу мушоҳидаи мороу насяи аҳли ҷинон ро
می و مشاهده ما را و نسیه اهل جنان را
зи тири таъна чаҳ тарсам чаро суҷуд наёрам
ز تیر طعنه چه ترسم چرا سجود نیارم
Кашида то бен гӯши абрувони ҳам чу камон ро
کشیده تا بنِ گوش ابروانِ هم چو کمان را
Ман илтифот надорам ба эътирози муқаллид
من التفات ندارم به اعتراضِ مقلّد
Ки эътибор набошад музахрафоти чунон ро
که اعتبار نباشد مزخرفاتِ چنان را
Нзорёи сари дори омадаи сети афсари мардон
نزاریا سر دار آمده ست افسر مردان
Агар надорӣ эй сари нигоҳи дори забон ро
اگر نداری ای سر نگاه دار زبان را