Фироқи ёр сафар карда рӯй он дорад
فراقِ یارِ سفر کرده رویِ آن دارد
Ки қасди ҷони ман зор нотавон дорад
که قصدِ جانِ منِ زارِ ناتوان دارد
Дили сабки серум аз ҷон малол хоҳад кард
دلِ سبک سرم از جان ملال خواهد کرد
Магар ки бахти сабксор саргарон дорад
مگر که بختِ سبک سارِ سرگران دارد
Ғуломи ҳам нафасӣам ки як нафас бо ман
غلامِ هم نفسی ام که یک نفس با من
Фурӯ нишинаду рози дилам ниҳон дорад
فرو نشیند و رازِ دلم نهان دارد
Висоли пои зи ман дар кашид ва ёр бирафт
وصال پای ز من در کشید و یار برفت
Фироқ бар ман бе чораи даст аз он дорад
فراق بر منِ بی چاره دست از آن دارد
Чаҳ саъбтар зи ҷудоӣ буд миёни ду дӯст
چه صعب تر ز جدایی بود میانِ دو دوست
Ки ин бар он дили муштоқ меҳрбон дорад
که این بر آن دلِ مشتاقِ مهربان دارد
Ба ҷон расидаам эй дӯсти ҷони муштоқам
به جان رسیده ام ای دوست جانِ مشتاقم
Куҷо шудӣ ки равони назар равон дорад
کجا شدی که روان نظر روان دارد
зи марг бе ту натарсам худоӣ ме донад
ز مرگ بی تو نترسم خدای می داند
Балӣ ки бе ту марои зиндагӣ зиён дорад
بلی که بی تو مرا زندگی زیان دارد
Биё ки дидаи ҷигар бе ту дар канори ниҳод
بیا که دیده جگر بی تو در کنار نهاد
Бибин ки бо ту канорам чаҳ дар миён дорад
ببین که با تو کنارم چه در میان دارد
Канори васли туам аз миёни дил бояд
کنارِ وصلِ توم از میانِ دل باید
Ғами миёни туам аз миён ҷон дорад
غمِ میانِ توم از میانِ جان دارد
Фазои кулбаи ман бе ту дӯзахаст балӣ
فضایِ کلبۀ من بی تو دوزخ است بلی
Биҳишти нури зи дидор дӯстон дорад
بهشت نور ز دیدارِ دوستان دارد
Ҳамину бас ки нзорӣ хеш хондӣ ам
همین و بس که نزاریِ خویش خواندی ام
Маро дигар чаҳ ғами дӯзах ва ҷинон дорад
مرا دگر چه غمِ دوزخ و جنان دارد