На писта чун даҳани танги ёр ман дорад

نه پسته چون دهنِ تنگِ یارِ من دارد

На боғ чун рухи гули ранги ёр ман дорад

نه باغ چون رخِ گل رنگِ یارِ من دارد

Ба ҳасану ноз ва ба ғмзу киришмаи сарв ба боғ

به حسن و ناز و به غمز و کرشمه سرو به باغ

Ҳамеи хиромад агар [ санг ] ёр ман дорад

همی خرامد اگر [ سنگِ ] یارِ من دارد

Хурӯши Зуҳраи зи боми сими фалак ба сабӯҳ

خروش زهره ز بامِ سیم فلک به صبوح

Гумон барам ки шаш оҳанги ёр ман дорад

گمان برم که شش آهنگِ یارِ من دارد

Ҳазор сайд бар овехтаи сети фитнаи ишқ

هزار صید بر آویخته ست فتنۀ عشق

Ба ҳар каманд ки бар чанги ёр ман дорад

به هر کمند که بر چنگِ یارِ من دارد

Дигар таҳаммули хӯн хӯрданам нахоҳад буд

دگر تحمّلِ خون خوردنم نخواهد بود

Ки тоқати дил чун санги ёр ман дорад

که طاقتِ دلِ چون سنگِ یارِ من دارد

Марои ҳадиси нзории хуши омадаи сет аз онк

مرا حدیثِ نزاری خوش آمده ست از آنک

Ҳаловати даҳани танги ёр ман дорад

حلاوتِ دهنِ تنگِ یارِ من دارد