Ёри мо валвала дар олам роз андозад

یارِ ما ولوله در عالمِ راز اندازد

Гар ниқобӣ ки барандохта боз андозад

گر نقابی که برانداخته باز اندازد

Хушаши он қомату боло ки худ устоди азал

خوشش آن قامت و بالا که خود استادِ ازل

Кисвати ҳасан ба болой дароз андозад

کسوتِ حسن به بالایِ دراز اندازد

Соқиои бодаи дамодами даҳ ва бо чангии гӯй

ساقیا باده دمادم ده و با چنگی گوی

То зи оҳанги Ироқам ба ҳиҷоз андозад

تا ز آهنگِ عراقم به حجاز اندازد

Душмани сахт манаст он ки ҳадиси ману дӯст

دشمنِ سختِ من است آن که حدیثِ من و دوست

На ба акси равиши ақл фароз андозад

نه به عکسِ روشِ عقل فراز اندازد

Борҳо хўостмш гуфт ки як ҳалқа аз он

بارها خواستمش گفت که یک حلقه از آن

Зулф дар ҳалқи маломатгар роз андозад

زلف در حلقِ ملامت گرِ راز اندازد

Ғайритеми боз пушаймон кунад ва донад ақл

غیرتم باز پشیمان کند و داند عقل

Ки хаёлам ба чунин фикр муҷоз андозад

که خیالم به چنین فکرِ مجاز اندازد

Чашм бар ҳам мазан эй дида ки бархоҳад хост

چشم بر هم مزن ای دیده که برخواهد خاست

Фитнаи тоза ба ҳар ғамза ки боз андозад

فتنۀ تازه به هر غمزه که باز اندازد

Воъизӣ гуфт ба мақсад нарасад алои он

واعظی گفت به مقصد نرسد الّا آن

Ки ба масҷид раваду сар ба ниёз андозад

که به مسجد رود و سر به نیاز اندازد

Худ хаёли ту нзории хроботӣ ро

خود خیالِ تو نزاریِ خراباتی را

Нагузорад ки мусалло ба намоз андозад

نگذارد که مصلاً به نماز اندازد

Ҳар ки Маҳмӯд буд бар ҳамаи олами бандад

هر که محمود بود بر همه عالم بندد

Дар он дида ки бар рӯй Аёз андозад

درِ آن دیده که بر رویِ ایاز اندازد